दाऊद इब्राहिम पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से भड़का भारत, पाकिस्तान को लेकर उठाए सवाल
दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को भारत आधारित आपराधिक गिरोह बताने वाली संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने रिपोर्ट में तथ्यों की सटीकता और जवाबदेही का मुद्दा उठाया। भारत का कहना है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में छिपा है और वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े मामलों में वांछित है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 अक्टूबर 2026
दाऊद इब्राहिम के आपराधिक गिरोह डी-कंपनी को भारत आधारित बताने वाली संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत का कहना है कि दाऊद इब्राहिम लंबे समय से वांछित अपराधी है और पाकिस्तान में छिपा हुआ है। भारतीय पक्ष ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक की रिपोर्ट में तथ्यों की सटीकता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की मांग की है। इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग और उनकी विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर भारत ने जताई नाराजगी
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक बेन सॉल की एक रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम के गिरोह डी-कंपनी को भारत आधारित आपराधिक समूह बताया गया है। रिपोर्ट में इस गिरोह के आतंकवादी संबंधों का भी उल्लेख किया गया है। भारत ने इस विवरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी आपराधिक संगठन के बारे में जानकारी प्रस्तुत करते समय तथ्यों की सही जांच और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।भारत का मानना है कि ऐसी रिपोर्टों में गलत या भ्रामक जानकारी शामिल होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी देश की छवि प्रभावित हो सकती है। इसी कारण भारतीय पक्ष ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और उनसे अधिक जिम्मेदारी के साथ तथ्य प्रस्तुत करने की अपेक्षा की।
भारतीय राजनयिक ने उठाया तथ्यों की सटीकता का मुद्दा
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने इस मामले पर भारत की चिंता सामने रखी। उन्होंने कहा कि विशेष प्रतिवेदकों की ओर से तथ्यात्मक रूप से गलत रिपोर्ट जारी किए जाने की स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। उनके अनुसार, ऐसी रिपोर्टों को सदस्य देशों के सामने प्रस्तुत करने से पहले तथ्यों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।भारतीय पक्ष ने यह भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्षता और सटीक जानकारी का होना आवश्यक है। भारत की आपत्ति का मुख्य आधार यही है कि दाऊद इब्राहिम और उसके गिरोह के बारे में जानकारी इस तरह प्रस्तुत नहीं की जानी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो।
भारत ने कहा, पाकिस्तान में छिपा है दाऊद इब्राहिम
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर दोहराया कि दाऊद इब्राहिम भारत में आतंकवादी हमलों से जुड़े मामलों में वांछित है और भारतीय पक्ष के अनुसार वह पाकिस्तान में छिपा हुआ है। भारतीय राजनयिक ने इस संदर्भ में ओसामा बिन लादेन का भी उल्लेख किया, जो पाकिस्तान में मिला था और वर्ष 2011 में अमेरिकी अभियान में मारा गया था।भारत की आपत्ति इस बात पर है कि दाऊद इब्राहिम के गिरोह को केवल भारत आधारित बताने से उसके कथित ठिकाने और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी चर्चा से बाहर रह सकती है। हालांकि, दाऊद इब्राहिम के वर्तमान ठिकाने को लेकर भारत के इस दावे और रिपोर्ट में किए गए उल्लेख को अलग-अलग समझना जरूरी है।
वर्ष 2003 में डी-कंपनी को लेकर संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाई का उल्लेख
भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने रिपोर्ट के उस हिस्से का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2003 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अलकायदा से संबंधों के कारण डी-कंपनी के सरगना को सूचीबद्ध किया था। भारत के अनुसार, इस पंक्ति को उसके व्यापक संदर्भ से अलग करके पढ़ने पर वास्तविक स्थिति की अधूरी तस्वीर सामने आ सकती है।भारत ने कहा कि दाऊद इब्राहिम वर्ष 1993 के मुंबई बम धमाकों सहित आतंकवादी हमलों से जुड़े मामलों में वांछित है। भारतीय पक्ष ने इस मामले में गिरोह की गतिविधियों और उसके कथित आतंकवादी संबंधों को सही संदर्भ में प्रस्तुत करने की जरूरत पर जोर दिया है।
आतंकवाद पर अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग को लेकर उठे सवाल
इस विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की रिपोर्टों में तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्षता का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। आतंकवाद और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किसी संगठन की गतिविधियों, उसके कथित संबंधों और संबंधित व्यक्तियों की स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्ज करना महत्वपूर्ण माना जाता है।भारत ने संयुक्त राष्ट्र से अपेक्षा जताई है कि विशेष प्रतिवेदक अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय तथ्यों की सटीकता और जवाबदेही के उच्च मानकों का पालन करें। फिलहाल इस मामले में भारत की आपत्ति का केंद्र डी-कंपनी को भारत आधारित बताने वाला विवरण और दाऊद इब्राहिम के कथित ठिकाने को लेकर प्रस्तुत जानकारी है।
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