हूती हमलों से डरा सऊदी अरब अरामको ने खाली कराया मुख्यालय

सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सऊदी अरामको ने कर्मचारियों को धहरान स्थित मुख्यालय खाली करने और घर से काम करने का निर्देश दिया है। दम्मम के हवाई अड्डे पर हमले में दो लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने की खबर है। तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सऊदी अरब सहयोगी देशों से सहायता मांग रहा है।

Oct 23, 2026 - 15:23
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हूती हमलों से डरा सऊदी अरब अरामको ने खाली कराया मुख्यालय

दि राइजिंग न्यूज़ | सऊदी अरब | 23 अक्टूबर 2026

सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में शामिल सऊदी अरामको ने अपने कर्मचारियों को धहरान स्थित मुख्यालय खाली करने और घर से काम करने का निर्देश दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब देश के पूर्वी हिस्से में हवाई अड्डे और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद सऊदी अरब के ऊर्जा क्षेत्र और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 सऊदी अरामको ने कर्मचारियों को मुख्यालय खाली करने को कहा

सऊदी अरामको ने अपने कर्मचारियों से धहरान स्थित मुख्यालय खाली करने और घर से काम करने को कहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब कंपनी ने इस तरह का कदम उठाया है। कंपनी का मुख्यालय सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, जो देश के तेल उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। लगातार हमलों के बीच कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

 कंपनी के मुख्यालय पर हमले से भारी नुकसान की खबर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि इसी महीने की शुरुआत में हूती विद्रोहियों ने अरामको के मुख्यालय पर हमला किया था। इस हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचने और कई मंजिलों पर आग फैलने की जानकारी सामने आई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और नुकसान का पूरा विवरण उपलब्ध जानकारी से स्पष्ट नहीं होता। यदि मुख्यालय के संचालन से जुड़ी सुविधाएं प्रभावित होती हैं, तो कंपनी की निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

 तेल उत्पादन और आपूर्ति की निगरानी करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र

अरामको का मुख्यालय कंपनी के व्यापक तेल कारोबार के संचालन में अहम भूमिका निभाता है। यहां से जुड़े संचालन केंद्र के माध्यम से समुद्र और जमीन पर स्थित तेल उत्पादन स्थलों, तेल शोधन कारखानों, निर्यात केंद्रों और लंबी पाइपलाइन व्यवस्था की निगरानी की जाती है। इन सुविधाओं का महत्व केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी है। इसलिए कंपनी के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर किसी भी हमले से तेल कारोबार और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

 किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले में दो लोगों की मौत

सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, बुधवार शाम पूर्वी क्षेत्र के दम्मम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। दम्मम, धहरान से लगभग 15 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण यातायात केंद्र पर हमले की खबर के बाद आसपास के संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

शायबाह तेल क्षेत्र की सुविधा को निशाना बनाने की कोशिश

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एक अन्य घटना में देश की वायु रक्षा प्रणाली ने एक ऐसे मानवरहित विमान को मार गिराया, जो शायबाह तेल क्षेत्र की एक सुविधा को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। समाचार में इस घटना से दो लोगों की मौत होने की भी जानकारी दी गई है, हालांकि मृतकों का इस घटना से संबंध और घटनाक्रम का पूरा विवरण स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं है। तेल क्षेत्र की सुविधाओं की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन पर हमले से उत्पादन और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा रहता है।

 हूती हमलों के जवाब में सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई

सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के हमलों का जवाब देने के लिए मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों को निशाना बनाकर कार्रवाई की है। सऊदी प्रशासन के अनुसार, देश की वायु रक्षा प्रणालियों ने विद्रोहियों की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके बावजूद लगातार सामने आ रही हमलों की खबरों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दबाव बढ़ा दिया है। सऊदी प्रशासन अब इन हमलों को रोकने और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रक्षा करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की कोशिश कर रहा है।

 हमलों से निपटने के लिए सहयोगियों से समर्थन मांग रहा सऊदी अरब

सऊदी अरब हूती विद्रोहियों के मिसाइल और मानवरहित विमानों से होने वाले हमलों को रोकने के लिए अपने सहयोगी देशों से समर्थन मांग रहा है। इस सहायता का उद्देश्य हवाई सुरक्षा को मजबूत करना और तेल प्रतिष्ठानों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को सुरक्षित रखना है। लगातार हमलों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में सहयोगी देशों की भूमिका और सऊदी अरब की सुरक्षा रणनीति इस संकट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को लौटने का आदेश दिया

सऊदी अरब का प्रमुख सुरक्षा सहयोगी अमेरिका भी क्षेत्र में बढ़ते खतरे को लेकर सतर्क दिखाई दे रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को वहां से लौटने का आदेश दिया है। इसके अलावा, क्षेत्र में स्थित कुछ अन्य अमेरिकी राजनयिक मिशनों से भी परिवारों को वापस बुलाने की योजना की जानकारी दी गई। हालांकि, अमेरिका की ओर से सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए किसी नई ठोस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।

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