पुडुचेरी के इस बैंक से निकाल सकेंगे सिर्फ 5,000 रुपये, आरबीआई ने क्यों लगाई रोक

भारतीय रिजर्व बैंक ने पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर छह महीने के लिए सख्त परिचालन प्रतिबंध लगाए हैं। ग्राहकों के लिए निकासी की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये तय की गई है। बैंक को बिना पूर्व लिखित अनुमति के नए ऋण देने, कुछ निवेश करने और कई अन्य वित्तीय गतिविधियां संचालित करने से रोका गया है। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इन प्रतिबंधों का अर्थ बैंक का लाइसेंस रद्द होना नहीं है।

Oct 22, 2026 - 13:33
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पुडुचेरी के इस बैंक से निकाल सकेंगे सिर्फ 5,000 रुपये, आरबीआई ने क्यों लगाई रोक

 दि राइजिंग न्यूज़ | पुडुचेरी | 22 अक्टूबर 2026

पुडुचेरी के सहकारी शहरी बैंक के ग्राहकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। बैंक की खराब वित्तीय स्थिति और नकदी की कमी को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने ग्राहकों के पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। अब खाताधारक अपने बचत, चालू या अन्य पात्र खातों से कुल मिलाकर निर्धारित शर्तों के अनुसार अधिकतम 5,000 रुपये ही निकाल सकेंगे। ये प्रतिबंध 21 अक्टूबर 2026 से अगले छह महीने तक लागू रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले का उद्देश्य जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना और बैंक की वित्तीय स्थिति को संभालने का अवसर देना है।

बैंक पर क्यों लगाया गया प्रतिबंध

भारतीय रिजर्व बैंक ने पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। बैंक के पास नकदी की उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं, जिसके कारण ग्राहकों के धन की निकासी पर सीमा लगाई गई है। केंद्रीय बैंक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपलब्ध धन का इस्तेमाल इस तरह हो, जिससे जमाकर्ताओं के हितों को सुरक्षित रखा जा सके। इन निर्देशों के तहत बैंक को अगले छह महीने तक निर्धारित पाबंदियों का पालन करना होगा। हालांकि, आरबीआई परिस्थितियों की समीक्षा करके निर्देशों में बदलाव भी कर सकता है।

ग्राहकों के लिए पैसे निकालने की सीमा तय

नए निर्देशों के अनुसार, बैंक के ग्राहक अपने खातों से अधिकतम 5,000 रुपये तक की निकासी कर सकेंगे। यह सीमा बचत खाते, चालू खाते और अन्य पात्र जमा खातों पर लागू होगी। ऐसे में जिन ग्राहकों के खाते में इससे अधिक धनराशि जमा है, उन्हें फिलहाल पूरी रकम निकालने की अनुमति नहीं होगी। यह स्थिति उन लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है, जो अपने दैनिक खर्चों या किसी जरूरी काम के लिए बैंक में जमा धन पर निर्भर हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे निकासी से जुड़ी शर्तों की जानकारी सीधे बैंक से प्राप्त करें।

नए ऋण देने और निवेश करने पर भी रोक

आरबीआई ने बैंक की सामान्य गतिविधियों पर भी कई प्रतिबंध लगाए हैं। केंद्रीय बैंक की पूर्व लिखित अनुमति के बिना बैंक नया ऋण या अग्रिम राशि नहीं दे सकेगा और मौजूदा ऋणों का नवीनीकरण भी नहीं कर सकेगा। इसके अलावा, निर्धारित शर्तों के अनुसार अनुमति के बिना नए निवेश करने, नई देनदारियां लेने और उधार के माध्यम से धन जुटाने पर भी रोक लगाई गई है। बैंक नए जमा खाते स्वीकार करने तथा निर्देशों के दायरे में आने वाले भुगतान करने के मामले में भी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकेगा। अपनी संपत्तियों को बेचने या हस्तांतरित करने पर भी निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेंगे।

क्या बैंक का लाइसेंस रद्द हो गया है

भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि इन प्रतिबंधों का अर्थ यह नहीं है कि बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। फिलहाल बैंक को निर्धारित शर्तों के अंतर्गत अपना कामकाज जारी रखने की अनुमति है। हालांकि, बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक उस पर लगाई गई पाबंदियां लागू रह सकती हैं। आरबीआई समय-समय पर हालात की समीक्षा कर सकता है और जरूरत के अनुसार अपने निर्देशों में बदलाव कर सकता है। इसलिए ग्राहकों को बैंक का लाइसेंस रद्द होने और बैंक पर परिचालन प्रतिबंध लगाए जाने के बीच अंतर समझना चाहिए।

आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम

बैंकिंग व्यवस्था में जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना भारतीय रिजर्व बैंक की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। जब किसी बैंक की वित्तीय स्थिति कमजोर होती है या उसके पास ग्राहकों की मांग के अनुसार नकदी उपलब्ध कराने में कठिनाई होती है, तब केंद्रीय बैंक नियामकीय कदम उठा सकता है। बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत आवश्यक परिस्थितियों में ऐसे निर्देश जारी किए जा सकते हैं। निकासी की सीमा और अन्य परिचालन प्रतिबंधों का उद्देश्य बैंक की स्थिति को और बिगड़ने से रोकना तथा उपलब्ध धन के प्रबंधन को नियंत्रित करना है। पुडुचेरी के इस बैंक को अब अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार करने के लिए निर्धारित प्रतिबंधों के बीच काम करना होगा।

ग्राहकों का जमा पैसा कितना सुरक्षित है

यदि कोई बैंक विफल हो जाता है, तो पात्र जमाकर्ताओं को जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम के नियमों के तहत बीमा सुरक्षा मिल सकती है। सामान्य नियमों के अनुसार, एक बैंक में एक जमाकर्ता की समान अधिकार और समान क्षमता में रखी गई मूल राशि तथा ब्याज को मिलाकर अधिकतम 5 लाख रुपये तक की जमा राशि बीमित होती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि बैंक पर प्रतिबंध लगते ही ग्राहक को बीमा की रकम मिल जाती है। बीमा राशि का भुगतान संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होता है। ग्राहकों को अपनी जमा राशि, बैंक की स्थिति और बीमा सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए बैंक तथा संबंधित आधिकारिक संस्थाओं से संपर्क करना चाहिए।

ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए

पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक के खाताधारकों को फिलहाल घबराने के बजाय आरबीआई के निर्देशों और बैंक की ओर से जारी सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी ग्राहक को बड़ी रकम की तत्काल जरूरत है, तो उसे निकासी की मौजूदा सीमा और लागू शर्तों की जानकारी बैंक से लेनी चाहिए। ग्राहकों को यह भी पता करना चाहिए कि उनके खाते में जमा धनराशि पर कौन-से नियम लागू होते हैं और बीमा सुरक्षा के लिए उनकी पात्रता क्या है। बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार और प्रतिबंधों में संभावित बदलाव को लेकर केवल आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करना उचित होगा। फिलहाल, ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने धन से संबंधित निर्णय सही जानकारी के आधार पर लें।

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