भारत में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर! लेकिन बेरोजगारी क्यों बढ़ी
विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2011 से 2023 के बीच भारत में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। अत्यधिक गरीबी की दर 27.1 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। हालांकि, युवाओं में बेरोजगारी दर 14.6 प्रतिशत से बढ़कर 15.9 प्रतिशत हो गई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026
भारत में गरीबी को लेकर विश्व बैंक की अक्टूबर 2026 की नई रिपोर्ट में बड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2011 से 2023 के बीच भारत में लगभग 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। इस दौरान अत्यधिक गरीबी की दर 27.1 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई। विश्व बैंक ने गरीबी कम करने की भारत की रफ्तार को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताया है। लोगों की आमदनी में सुधार, दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी, महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर और सरकारी सहायता योजनाओं को इसका प्रमुख कारण माना गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन 4.20 डॉलर यानी लगभग 350 रुपये की आय सीमा के आधार पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले भारतीयों का अनुपात 57.7 प्रतिशत से घटकर 16.1 प्रतिशत हो गया है। विश्व बैंक के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 में गरीबी दर 14.2 प्रतिशत से घटकर 2028 तक 12.1 प्रतिशत हो सकती है। हालांकि, गरीबी में कमी के बीच रोजगार का मुद्दा चिंता बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में युवाओं की बेरोजगारी दर 14.6 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बढ़कर 15.9 प्रतिशत हो गई। इसका सबसे अधिक असर रोजगार की तलाश कर रही ग्रामीण युवा महिलाओं पर पड़ा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)