बलिया में एक साथ उठी मां-बेटे की अर्थी:घायल तीसरे शख्स ने भी तोड़ा दम, गाजीपुर में 30 फीट से गिरी थी स्कॉर्पियो
बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के नरहीं गांव निवासी एक परिवार के लिए बुधवार की रात काल बनकर आई। मां को इलाज के लिए स्कॉर्पियो से वाराणसी ले जा रहे बेटे की गाजीपुर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में मौत हो गई। हादसे में मां और बेटे समेत दो लोगों की जान चली गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरुवार को इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मरने वालों की संख्या तीन हो गई। मृतक अनमोल परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी शादी जनवरी में होनी थी। गांव में दोनों के शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। एक साथ दोनों की अर्थी उठी और पिता ने पत्नी और बेटे को बारिश के बीच मुखाग्नि दी। दो तस्वीरें देखें पहले जानिए पूरा घटनाक्रम बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के नरहीं गांव निवासी जयराम उपाध्याय का बेटा अनमोल उर्फ बिट्टू अपनी मां क्षमा उपाध्याय को इलाज के लिए स्कॉर्पियो से वाराणसी ले जा रहा था। गाड़ी में अनमोल के मामा रत्नेश मिश्रा (40), रिश्तेदार मनोज चौबे (42) और रत्नेश के चालक रमेश वर्मा (32) भी सवार थे। स्कॉर्पियो रमेश वर्मा चला रहे थे। रत्नेश ने एक सप्ताह पहले ही नई स्कॉर्पियो खरीदी थी। सभी लोग बुधवार रात करीब 9:30 बजे नरहीं से निकले थे। रात करीब 10:30 बजे गाजीपुर के जंगीपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर पिलर नंबर 340 के पास स्कॉर्पियो अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार वाहन लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे जा गिरा। हादसे में क्षमा उपाध्याय और उनके बेटे अनमोल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रत्नेश मिश्रा, मनोज चौबे और रमेश वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से स्कॉर्पियो में फंसे लोगों को बाहर निकलवाया। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मां-बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्च्यूरी में रखवा दिया। गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। वहीं, गुरुवार को वाराणसी में इलाज के दौरान मनोज चौबे की भी मौत हो गई। इकलौता बेटा था अनमोल, जनवरी में होनी थी शादी जयराम उपाध्याय गांव में रहकर खेती-किसानी के साथ कर्मकांड कराते हैं। उनका अनमोल उर्फ बिट्टू इकलौता बेटा था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। जयराम के बड़े भाई परमात्मा उपाध्याय हैं। उनके भी दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। दोनों भाइयों के परिवार में अनमोल इकलौता बेटा था। उसकी शादी जनवरी में होनी थी। अनमोल अपने मामा रत्नेश मिश्रा के साथ सोलर पैनल का कारोबार करता था। मां-बेटे की मौत से परिवार में मातम पसरा है। रेलिंग तोड़ते हुए कई बार पलटी स्कॉर्पियो पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हादसे के समय स्कॉर्पियो की रफ्तार करीब 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तेज रफ्तार वाहन एक्सप्रेसवे की लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए कई बार पलटा और करीब 30 फीट नीचे जा गिरा। नीचे एक पोल से टकराने के बाद गाड़ी रुकी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के सभी एयरबैग खुल गए। इसके बावजूद गाड़ी का बोनट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और पीछे के दोनों पहिए निकल गए। बोनट और डिग्गी बुरी तरह पिचकी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा बुधवार देर रात हुआ। अचानक तेज आवाज सुनकर ग्रामीण घरों से बाहर निकले तो देखा कि एक स्कॉर्पियो एक्सप्रेसवे की रेलिंग तोड़कर नीचे गिर गई है। रेलिंग से टकराने के बाद गाड़ी कई बार पलटी खाते हुए नीचे आ गिरी। हादसे में स्कॉर्पियो का अगला बोनट और पिछली डिग्गी बुरी तरह पिचक गए थे। पीछे के दोनों पहिए भी वाहन से अलग हो गए थे। ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से घायलों को निकाला हादसा देखकर ग्रामीणों ने आसपास के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से स्कॉर्पियो में फंसे सभी लोगों को बाहर निकलवाया। इसके बाद एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। एयरबैग खुलने के बावजूद नहीं बची मां-बेटे की जान प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के दौरान स्कॉर्पियो के सभी एयरबैग खुल गए थे, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटे की जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद ग्रीनफील्ड टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने हाइड्रा मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को खाई से बाहर निकलवाया। इसके बाद वाहन को जंगीपुर थाने पहुंचाया गया।
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