नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका: बसवराजू ढेर, 70 घंटे का ऑपरेशन, सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक जीत
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 22 मई, 2025 । छत्तीसगढ़ के घने अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों ने सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और कुख्यात नक्सली नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया है। यह ऑपरेशन 18 से 21 मई तक चला और इसे नक्सलवाद विरोधी इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 22 मई, 2025 ।
छत्तीसगढ़ के घने अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बलों ने सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और कुख्यात नक्सली नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया है। यह ऑपरेशन 18 से 21 मई तक चला और इसे नक्सलवाद विरोधी इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
यह ऑपरेशन नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव जिलों की संयुक्त सुरक्षा बलों (DRG, STF, CRPF) द्वारा अंजाम दिया गया। मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए, जिनमें सबसे अहम नाम बसवराजू का रहा। उस पर ₹1 करोड़ का इनाम था और वह चार दशकों से नक्सली नेटवर्क की रणनीतिक रीढ़ बना हुआ था।
बसवराजू की मौत को माओवादी संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब संगठन के पास वैसा अनुभवी नेतृत्व नहीं बचा है। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना माओवाद के अंत की दिशा में बड़ा कदम है।
जानिए क्यों है बसवराजू की मौत अहम:
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रणनीतिक मास्टरमाइंड था – गुरिल्ला युद्ध, IED और साजिशों का मास्टर।
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2010 का दंतेवाड़ा हमला, 2013 का झीरम घाटी हमला, और 2021 टेकलगुड़ेम हमले में उसका नाम।
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सीपीआई (माओवादी) का महासचिव – 2018 से सक्रिय।
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तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था – फिर भी सुरक्षा बलों ने तोड़ा सुरक्षा घेरा।