पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 11 बजे तक करीब 40% मतदान, आरजी कर पीड़िता के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 11 बजे तक लगभग 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान आरजी कर पीड़िता के पिता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि कई अन्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं।पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 11 बजे तक लगभग 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस दौरान आरजी कर पीड़िता के पिता ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि कई अन्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए हैं।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 29 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल में मतदान तेज, सुबह 11 बजे तक करीब 40 प्रतिशत वोटिंग
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान की प्रक्रिया तेज गति से जारी है और सुबह 11 बजे तक राज्य के विभिन्न जिलों में लगभग 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। हुगली, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण सहित कई क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे चुनावी माहौल सक्रिय बना हुआ है।
जिलों के अनुसार मतदान प्रतिशत
मतदान के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार अलग-अलग जिलों में मतदान की स्थिति अलग-अलग रही है, जिसमें हुगली में करीब 43 प्रतिशत, हावड़ा में लगभग 39 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में करीब 38 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में लगभग 36 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। वहीं नादिया और पूर्वी बर्धमान जैसे क्षेत्रों में 40 प्रतिशत से अधिक मतदान देखने को मिला है, जबकि कुछ अन्य इलाकों में यह आंकड़ा अपेक्षाकृत थोड़ा कम रहा है।
आरजी कर मामले में गंभीर आरोप
आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले से जुड़ी पीड़िता के पिता ने मतदान के दौरान गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि रास्ते में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की और हमला करने की कोशिश की। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय उन्हें ही वहां से हटने को कहा, जिससे वे असहज महसूस कर रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है और विभिन्न दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने कई स्थानों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं सत्ताधारी दल की ओर से इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया जा रहा है। इसी बीच कई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान को लेकर भी बहस तेज हो गई है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक संवेदनशील बन गया है।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने कई स्थानों पर मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं सत्ताधारी दल की ओर से इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया जा रहा है। इसी बीच कई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष मतदान को लेकर भी बहस तेज हो गई है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक संवेदनशील बन गया है।
नेताओं की सक्रियता बढ़ी
चुनाव के दौरान सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। कई उम्मीदवार मतदान केंद्रों का दौरा कर मतदान प्रक्रिया की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और मतदाताओं से संवाद भी कर रहे हैं। इस दौरान मतदाताओं की सुविधाओं और मतदान व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
केंद्रीय और राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता भी लगातार चुनावी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। वे अपने-अपने स्तर पर मतदान प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से समय-समय पर जानकारी ले रहे हैं। इससे चुनावी माहौल में राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई है।
सभी राजनीतिक दलों की ओर से अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है। मतदाताओं को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिल सके। इस बीच मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क बना हुआ है।
कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण अब तक काफी सक्रिय और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भागीदारी उत्साहजनक रही है और कई स्थानों पर मतदान प्रक्रिया सामान्य गति से आगे बढ़ती दिखाई दी है।
वहीं दूसरी ओर चुनावी माहौल में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विवादों का दौर भी लगातार जारी है, जिससे स्थिति कई जगहों पर तनावपूर्ण बनी हुई है। विभिन्न दलों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए जा रहे आरोपों ने चुनावी वातावरण को और अधिक चर्चित और संवेदनशील बना दिया है।
आने वाले घंटों में मतदान प्रतिशत में बदलाव और राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजर टिकी रहेगी। अंतिम समय तक यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मतदान की गति और चुनावी माहौल किस दिशा में आगे बढ़ता है।