ऑपरेशन सिंदूर: 100 से अधिक आतंकी ढेर, पढ़ें लेटेस्ट अपडेट
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/इस्लामाबाद। 07 मई 2025 |
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। सेना की तीनों शाखाओं — थलसेना, वायुसेना और नौसेना — ने मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन को अंजाम देते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है।
इस 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारत ने उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां से देश के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रची जा रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में करीब 90 आतंकियों को मार गिराया गया है।
भारत सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया:
"यह ऑपरेशन पाकिस्तान और पीओके में मौजूद उन आतंकी ढांचों को ध्वस्त करने के लिए किया गया है, जहां से भारत पर हमलों की योजनाएं बनाई जा रही थीं।"
दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत की इस सैन्य कार्रवाई को "कायराना हमला" करार दिया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से अपने एयर डिफेंस की विफलता या आतंकी ठिकानों को लेकर कोई ठोस खंडन नहीं आया है।
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की नई सैन्य रणनीति का उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें इज़रायली शैली की सटीक, तेज और सीमित प्रिसिशन स्ट्राइक्स के ज़रिए आतंक को जड़ से खत्म करने की कोशिश की जाती है
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय सुरक्षाबलों और नागरिकों की दर्दनाक मौत ने देश को झकझोर कर रख दिया था। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) ने ली, जो पाकिस्तान की जमीन से संचालित होता है। इसके जवाब में भारत ने जिस सैन्य अभियान को अंजाम दिया, उसका नाम था — ऑपरेशन सिंदूर।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
"ऑपरेशन सिंदूर" भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के भीतर स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए सटीक मिसाइल और एयर स्ट्राइक्स का कोडनेम है। इस ऑपरेशन की खास बात यह थी कि यह इज़रायली सैन्य रणनीति पर आधारित था — जिसमें सर्जिकल और प्रिसिशन स्ट्राइक के ज़रिए दुश्मन के बुनियादी ढांचे को खत्म कर दिया जाता है, बिना व्यापक युद्ध की घोषणा किए।
प्रमुख लक्ष्य और लोकेशन:
भारत ने जिन जगहों को निशाना बनाया उनमें शामिल थे:
-
बहावलपुर (JeM का बेस)
-
मुरीदके (LeT का मुख्यालय)
-
गुलपुर
-
कोटली
-
मुजफ्फराबाद
-
और कुछ अघोषित ठिकाने PoK के भीतर
ये सभी स्थान आतंकी ट्रेनिंग कैंप, हथियार भंडारण और आतंकी नेतृत्व के बेस माने जाते थे।

पंजाब प्रांत के बहरावलपुर आतंकी कैंप की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। हमारे पास अटैक के बाद की तस्वीरें हैं, जिनमें आप बहावलपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंप मरकज सुभान अल्लाह में जमींदोज मकान को देख सकते हैं। गूगल मैप्स के सैटेलाइट इमेज और स्ट्रीट व्यू फीचर का सहारा लेते हुए मरकज सुभान अल्लाह की अटैक से पहले वाली तस्वीर निकाली है, जिसमें आप हमले से पहले की तस्वीर देख सकते हैं। गूगल मैप्स के मुताबिक यह आतंकी कैंप बहावलपुर बाईपास के नजदीक है। इस आतंकी कैंप के आस-पास खेतों को भी देखा जा सकता है।


भारत की रणनीति: इज़रायली स्टाइल प्रिसिशन स्ट्राइक
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में चार-स्तरीय रणनीति अपनाई:
1. Target Locking via Intelligence
-
इसरो के RISAT-2BR1 सैटेलाइट से हाई-रेजोल्यूशन इमेजरी
-
ड्रोन सर्विलांस (Heron, Rustom)
-
मानव इंटेलिजेंस (HUMINT) और तकनीकी इंटेलिजेंस (TECHINT)
2. Electronic Warfare & SEAD
-
पाकिस्तानी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय करने के लिए
-
KH-31P एंटी-रेडिएशन मिसाइल (Su-30MKI से)
-
रुद्रम-1 मिसाइल (स्वदेशी SEAD हथियार)
-
'शक्ति' और 'सम्यक' जैसे जैमिंग सिस्टम का उपयोग
-
3. Precision Strikes with BrahMos & SCALP Missiles
-
ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों से टारगेट पर एक ही वार में भारी तबाही
-
SCALP और Hammer जैसी वॉरहेड्स जो कम ऊंचाई पर जाकर टारगेट को चीर देती हैं
4. Post-Strike Surveillance
-
ड्रोन से BDA (Battle Damage Assessment)
-
विदेशी खुफिया एजेंसियों और ओपन-सोर्स इंटेल से प्रभाव की पुष्टि
पाकिस्तान की HQ-9 डिफेंस की नाकामी
HQ-9, जिसे चीन ने 2018 में पाकिस्तान को बेचा था, इस ऑपरेशन में पूरी तरह विफल रहा:
-
इसकी रडार रेंज (200 किमी) ब्रह्मोस जैसी लो-फ्लाइंग सुपरसोनिक मिसाइलों को ट्रैक नहीं कर सकी
-
2022 में मियां चन्नू में भी HQ-9 ब्रह्मोस को नहीं रोक पाया था
-
भारत ने पहले ही रडार और कमांड सेंटर को जैम कर "अंधा और बहिरा" बना दिया था
पाकिस्तान का कुबूलनामा

ऑपरेशन का संदेश और परिणाम
-
50+ आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्टें
-
आतंकी कैंप और हथियार डिपो पूर्णतः तबाह
-
PoK में दहशत और पलायन
-
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की आलोचना और भारत की रणनीतिक सराहना
क्यों नाम रखा गया "सिंदूर"?
"सिंदूर" हिंदू संस्कृति में शक्ति और रक्षा का प्रतीक माना जाता है। यह ऑपरेशन उन मासूमों की शहादत का बदला था जो पहलगाम में मारे गए। सिंदूर नाम रखकर भारत ने यह स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंक के विरुद्ध संकल्प है।
क्या आगे और स्ट्राइक होंगे?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की यह नई सैन्य नीति है:
"एक सिर के बदले सौ नहीं — लेकिन जो मारे, वो बचे नहीं।"
यह नीति इज़रायल की तरह सटीक, सीमित और निर्णायक है।
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं, बल्कि भारत की बदलती सैन्य मानसिकता का संकेत है — अब भारत इंतजार नहीं करता, बल्कि रणनीतिक रूप से पहल करता है। यह ऑपरेशन आने वाले वर्षों में भारत की रक्षा नीति का एक टेम्पलेट बन सकता है।