ओडिशा ;सेप्टिक टैंक बना मौत का कुआं...

ओडिशा के कालाहांडी जिले में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में दम घुटने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। एक मजदूर को बचाने के प्रयास में एक-एक कर कई लोग टैंक में उतर गए और जहरीली गैस की चपेट में आ गए। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये सहायता राशि देने का ऐलान किया।

ओडिशा ;सेप्टिक टैंक बना मौत का कुआं...

दि राइजिंग न्यूज़ | कालाहांडी | 26 मई 2026


ओडिशा के कालाहांडी में दर्दनाक हादसे से मचा हड़कंप

ओडिशा के कालाहांडी जिले में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मदनपुर रामपुर थाना क्षेत्र के कार्लखुंटा गांव में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक के अंदर दम घुटने से छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और लोगों के बीच दहशत फैल गई है।बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ जब निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर टैंक के अंदर गया और अचानक उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। उसे बचाने के लिए एक-एक कर कई लोग टैंक के अंदर उतरते चले गए, लेकिन जहरीली गैस के कारण सभी बेहोश हो गए। कुछ ही देर में स्थिति भयावह हो गई।


बचाने गए लोग खुद बन गए मौत का शिकार

स्थानीय लोगों के मुताबिक सबसे पहले एक मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर सेंटरिंग से जुड़े काम के लिए उतरा था। अंदर जहरीली गैस जमा होने के कारण उसका दम घुटने लगा। जब वह बाहर नहीं निकला तो उसे बचाने के लिए दूसरे लोग अंदर गए, लेकिन वे भी बेहोश हो गए।देखते ही देखते छह लोग टैंक के अंदर फंस गए और उनकी हालत बिगड़ती चली गई। ग्रामीणों ने किसी तरह सभी को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया।


अस्पताल पहुंचते ही छह लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

घटना के बाद सभी पीड़ितों को मदनपुर रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। एक अन्य गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिसे बेहतर इलाज के लिए कालाहांडी जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।मृतकों में चार मजदूर, मकान मालिक और उसका बेटा शामिल बताए जा रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।


जहरीली गैस बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेप्टिक टैंक के अंदर जहरीली गैस जमा थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद टैंक के अंदर बिना सुरक्षा उपकरणों के उतरना बेहद खतरनाक होता है। ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैस के कारण कुछ ही मिनटों में व्यक्ति बेहोश हो सकता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया। मजदूरों के पास कोई सुरक्षा किट या गैस जांच उपकरण नहीं थे। इसी लापरवाही ने छह लोगों की जान ले ली।


पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण कार्य में किस स्तर पर लापरवाही हुई। यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जताया दुख

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक परिवार को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटना की पूरी जांच करने और घायल व्यक्ति के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।


गांव में पसरा मातम, लोगों में गुस्सा

हादसे के बाद पूरे कार्लखुंटा गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के घरों में रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। गांव के लोग इस घटना को प्रशासन और निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सेप्टिक टैंक और निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। लोगों का कहना है कि मजदूरों की जान की कीमत पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।