भारतीय नौसेना का कराची पोर्ट पर बड़ा हमला, पाकिस्तान को समुद्र से भी करारा जवाब
दि राइजिंग न्यूज। आठ मई 2025 । पाकिस्तान पर भारत की सैन्य कार्रवाई अब समंदर तक पहुँच गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने एक जबरदस्त समुद्री ऑपरेशन के तहत कराची पोर्ट पर मिसाइलों की बारिश कर दी, जिससे वहां भारी तबाही मची है। यह हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया है, जिसमें भारतीय सुरक्षाकर्मियों की शहादत हुई थी।
दि राइजिंग न्यूज। आठ मई 2025 ।
पाकिस्तान पर भारत की सैन्य कार्रवाई अब समंदर तक पहुँच गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने एक जबरदस्त समुद्री ऑपरेशन के तहत कराची पोर्ट पर मिसाइलों की बारिश कर दी, जिससे वहां भारी तबाही मची है। यह हमला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया है, जिसमें भारतीय सुरक्षाकर्मियों की शहादत हुई थी।
कराची पोर्ट पूरी तरह तबाह
समुद्र से दागी गई मिसाइलों ने कराची पोर्ट के प्रमुख हिस्सों को निशाना बनाया, जिससे वहां का लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेल टर्मिनल और हथियार आपूर्ति का मुख्य केंद्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सूत्रों का दावा है कि पोर्ट का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है।
INS विक्रांत और स्ट्राइक ग्रुप की भूमिका
इस ऑपरेशन को अंजाम देने में भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक INS विक्रांत और उसके साथ तैनात स्ट्राइक ग्रुप की अहम भूमिका रही।
इस स्ट्राइक ग्रुप में शामिल थे:
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एक विमानवाहक पोत (INS विक्रांत)
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विध्वंसक युद्धपोत
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फ्रिगेट
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पनडुब्बी रोधी जहाज़
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और अन्य सहायक जहाज
सेना की त्रिस्तरीय रणनीति
पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, फिर वायुसेना ने पाकिस्तान के जेट्स को मार गिराया और अब नौसेना ने समुद्र से हमला कर यह साफ कर दिया है कि भारत हर मोर्चे पर तैयार और जवाबी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय वायुसेना की बड़ी सफलता
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई में भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके तीन लड़ाकू विमानों — एक F-16 और दो JF-17 को मार गिराया है। इसके अलावा पाकिस्तान का एक AWACS (Airborne Warning and Control System) भी भारत की जवाबी कार्रवाई में तबाह हुआ है।
भारत की तीनों सेनाएं अब पूरी तरह एक्टिव मोड में हैं और पाकिस्तान को जमीन, आसमान और समुद्र—हर दिशा से जवाब मिल रहा है। भारत की यह कार्रवाई सिर्फ सैन्य प्रतिशोध नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है कि आतंकी हमलों को अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।