वो 23 मिनट जिनमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान-चीन की जुगलबंदी को जमींदोज कर दिया !

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 14 मई 2025।  "खून का बदला अब पानी से नहीं, आग से लिया जाएगा!" — पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ने इस कथन को सच कर दिखाया। ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय वायुसेना का वो गुप्त मिशन जिसने सिर्फ 23 मिनट में पाकिस्तान के आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर दिया — वो भी बिना LoC या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए।

वो 23 मिनट जिनमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान-चीन की जुगलबंदी को जमींदोज कर दिया !

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 14 मई 2025। 

"खून का बदला अब पानी से नहीं, आग से लिया जाएगा!" — पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ने इस कथन को सच कर दिखाया। ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय वायुसेना का वो गुप्त मिशन जिसने सिर्फ 23 मिनट में पाकिस्तान के आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर दिया — वो भी बिना LoC या अंतरराष्ट्रीय सीमा पार किए।

बड़ा खुलासा: चीन के एयर डिफेंस सिस्टम को किया गया जाम

PIB द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की सुरक्षा ढाल बना चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम (HQ-9/FD-2000) पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया। भारतीय वायुसेना ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और साइबर जैमिंग के जरिए रेडार, मिसाइल गाइडेंस और कम्युनिकेशन सिस्टम को ठप कर दिया। पाकिस्तान को जवाबी कार्रवाई का मौका तक नहीं मिला।

यह सिर्फ हमला नहीं था, यह एक संदेश था — भारत अब सिर्फ सहता नहीं, दहाड़ता है।


स्वदेशी तकनीक की जीत: ‘मेक इन इंडिया’ बना ‘स्ट्राइक इन पाकिस्तान’

इस मिशन में इस्तेमाल हुई अधिकतर तकनीकें देश में बनी हुई थीं। चाहे वो ड्रोन्स हों, स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट, लेयर्ड एयर डिफेंस, या भारत की ताकत बन चुका IACCS (Integrated Air Command & Control System) — सबने मिलकर दुश्मन के हौसलों को चकनाचूर कर दिया।

IACCS ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना को एक ही ग्रिड में जोड़ दिया, जिससे पूरे ऑपरेशन का नियंत्रण और समन्वय रियल टाइम में हुआ — यही भारत की असली शक्ति है।


‘आकाश’ ने लिखा जीत का नया अध्याय

इस मिशन में भारत की स्वदेशी आकाश मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई। यह छोटी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को टारगेट करने में सटीकता दिखाई।

पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन-तुर्की से आए ड्रोन इस 'आकाश' से बच नहीं सके।


तीनों सेनाओं का त्रिवेणी संगम: एक नया भारत, एक नई रणनीति

इस ऑपरेशन में थलसेना, नौसेना और वायुसेना ने इतना बेहतरीन तालमेल दिखाया कि पाकिस्तान को कोई जवाब देने तक का मौका नहीं मिला। एयर स्पेस में पाकिस्तान की हर हरकत पर भारतीय राडारों की पैनी नजर थी।

DRDO द्वारा विकसित इलेक्ट्रॉनिक जामिंग सिस्टम, NETRA UAV, और AEW&CS प्लेटफॉर्म ने दुश्मन की हर चाल को विफल किया।


ड्रोन युद्ध का नया चेहरा

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में स्वार्म ड्रोन्स का भी उपयोग किया गया, जो बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए दुश्मन की रडार रेंज से बचकर सटीक निशाना साधते हैं। ये ड्रोन बम गिराने के साथ-साथ रीयल टाइम डेटा भी भेजते रहे, जिससे हर सेकंड भारत के पक्ष में काम कर रहा था।


चीन-पाक गठजोड़ को भारत ने दी टेक्नोलॉजिकल पटखनी

पाकिस्तान की रक्षा में लगे चीनी एयर डिफेंस सिस्टम (FD-2000/HQ-9) और तुर्की निर्मित ड्रोन जैसे Bayraktar TB2 को भारत ने इलेक्ट्रॉनिक जामिंग, GPS spoofing, और low-visibility strike तकनीक से चकमा दिया।

भारत ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ सैनिक ताकत नहीं, तकनीकी दक्षता भी युद्ध का भविष्य है — और भारत उस भविष्य को गढ़ रहा है।


ऑपरेशन सिंदूर — एक नाम, एक संदेश

‘सिंदूर’ केवल एक ऑपरेशन नहीं था, ये भारत की सुरक्षा नीति में आये बदलाव का प्रतीक है। अब भारत पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर हमला होता है, तो जवाब तीन गुना तेज, दस गुना सटीक होता है — वो भी बिना सीमा पार किए