सिक्किम हनीमून हादसा: प्रतापगढ़ के नवविवाहित जोड़े की 13 दिन से जारी तलाश, अब तक नहीं मिला कोई सुराग
दि राइजिंग न्यूज। प्रतापगढ़। 11 जून, 2025 । उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखने वाले एक नवविवाहित जोड़े की सिक्किम यात्रा दर्दनाक रहस्य में बदल गई है। शादी के चंद दिन बाद ही हनीमून मनाने गए इस दंपति का वाहन भारी बारिश के दौरान तीस्ता नदी में गिर गया। हादसे के 13 दिन बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन की तमाम कोशिशों और रेस्क्यू टीमों की मेहनत के बावजूद अब तक कोई निर्णायक सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों की चिंता और पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही है।
दि राइजिंग न्यूज। प्रतापगढ़। 11 जून, 2025 ।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से ताल्लुक रखने वाले एक नवविवाहित जोड़े की सिक्किम यात्रा दर्दनाक रहस्य में बदल गई है। शादी के चंद दिन बाद ही हनीमून मनाने गए इस दंपति का वाहन भारी बारिश के दौरान तीस्ता नदी में गिर गया। हादसे के 13 दिन बाद भी उनका कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन की तमाम कोशिशों और रेस्क्यू टीमों की मेहनत के बावजूद अब तक कोई निर्णायक सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों की चिंता और पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही है।
हादसे की पूरी कहानी:
प्रतापगढ़ जिले के निवासी कौशलेंद्र प्रताप सिंह (29) की शादी 5 मई को धनगढ़ सराय चिवलाहा गांव निवासी विजय सिंह डब्बू की बेटी अंकिता सिंह (26) से धूमधाम से हुई थी। कौशलेंद्र भाजपा नेता उम्मेद सिंह के भतीजे हैं। शादी के बाद 25 मई को यह नवविवाहित जोड़ा ट्रेन से सिक्किम रवाना हुआ और 26 मई को मंगन जिले में पहुंचा।
29 मई को, जब वे लाचेन से लाचुंग की ओर लौट रहे थे, तभी भारी बारिश के चलते उनका वाहन कथित तौर पर तीस्ता नदी में गिर गया। वाहन में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें नवविवाहित जोड़े के अलावा सात अन्य पर्यटक शामिल थे — दो उत्तर प्रदेश से, दो त्रिपुरा से, चार ओडिशा से और एक स्थानीय चालक।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
घटना की जानकारी मिलते ही सिक्किम प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हो गईं। खाई और नदी के किनारे गहन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक न किसी का शव मिला है, न कोई जीवित व्यक्ति। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि वाहन का कुछ सामान और कपड़े बरामद हुए हैं, लेकिन वे भी यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि वाहन वास्तव में नदी में गिरा था।
परिजनों की गुहार
घटना के बाद अंकिता और कौशलेंद्र के परिजन – जिनमें पिता शेर बहादुर, भाई, चाचा आदि शामिल थे – स्वयं सिक्किम पहुंच गए और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिलकर बेटे और बहू की तलाश की मांग की। परिजनों ने डीआईजी अक्षय सचदेवा और एसपी से भी मुलाकात की। हालाँकि, लंबी खोज के बाद भी कोई सफलता नहीं मिली और अब वे निराश होकर घर लौट चुके हैं।
“किसी चमत्कार की उम्मीद है” – परिजन
कौशलेंद्र के चाचा दिनेश सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अब भी हम किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। हो सकता है वे कहीं फंसे हों या किसी स्थानीय व्यक्ति ने बचाया हो। बस, अब यही प्रार्थना है कि वे सकुशल मिल जाएं।”
उन्होंने सरकार से अपील की है कि सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाए और ड्रोन, गोताखोरों, और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके इस दुखद रहस्य से पर्दा हटाया जाए।
प्रशासन का बयान
स्थानीय पुलिस का कहना है कि तलाशी अभियान अभी रुका नहीं है। नदी का जलस्तर लगातार चुनौती बना हुआ है, लेकिन हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
13 दिन बीत चुके हैं, पर एक नवविवाहित जोड़ा और उनके साथ के सात पर्यटकों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इस रहस्य ने प्रतापगढ़ और सिक्किम दोनों में चिंता का माहौल बना दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की ओर हैं कि कब कोई ठोस सुराग मिलेगा और यह दुखद अध्याय समाप्त होगा।