आगरा में शिक्षामित्रों का प्रदर्शन:नियमितीकरण की नीति, समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग
आगरा में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले जनपद के शिक्षामित्र जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह छौंकर के नेतृत्व में नगर क्षेत्र सहित सभी विकासखंडों से आए शिक्षामित्रों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एसीएम प्रथम संजीव कुमार शुक्ला को सौंपा। शिक्षामित्रों ने 25 वर्ष की सेवा को देखते हुए नियमितीकरण की नीति बनाने और भविष्य सुरक्षित करने की मांग की। साथ ही समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में 25 वर्ष की सेवा के आधार पर स्थायीकरण या नियमितीकरण की प्रभावी नीति बनाने, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक नियुक्ति में प्रथम वरीयता देने और विशेष टीईटी-2026 में सभी पात्र शिक्षामित्रों को अवसर देने की मांग की गई। इसके अलावा दिवंगत शिक्षामित्रों के परिवारों को एकमुश्त आर्थिक सहायता और पात्र सदस्य को रोजगार, सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने तथा सेवानिवृत्ति पर 20 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग रखी गई। शिक्षामित्रों ने जनपद के भीतर और अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा प्रतिवर्ष कम से कम 28 दिन का चिकित्सा अवकाश देने की मांग भी की। धरने में पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल पहलवान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष करतार सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष रामनिवास सिंह चाहर, जिला संगठन मंत्री हरीशंकर शर्मा, रनवीर सिंह सिकरवार, भरत सिंह चाहर, जिला उपाध्यक्ष भूरी सिंह सोलंकी, मुकेश भदौरिया, जिला मंत्री अजयकांत, नगर अध्यक्ष सचिन सिंह सिसौदिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष गीता बघेल, महामंत्री मनीषा यादव, कल्पना शर्मा, माधवी सोलंकी, गीता मिश्रा, सुजाता, रचना सिंघल और राखी ने भी सहभागिता की।
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