आरटीआई नियमों पर अन्ना का अल्टीमेटम: हड़ताल
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूचना के अधिकार नियमों में किए गए बदलावों का विरोध करते हुए 5 जुलाई से भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। उन्होंने नए नियमों को पारदर्शिता के लिए खतरा बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
दि राइजिंग न्यूज़ | मुंबई | 24 जून 2026
आरटीआई नियमों के खिलाफ अन्ना हजारे का मोर्चा
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा सूचना के अधिकार नियमों में किए गए बदलावों का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इन संशोधनों को गैरकानूनी और आरटीआई कानून की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।अन्ना हजारे ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 12 जून को लागू किए गए नए नियमों को वापस नहीं लिया तो वह 5 जुलाई से रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि नए नियम सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की प्रभावशीलता को कमजोर करेंगे और आम नागरिकों की सूचना तक पहुंच को सीमित कर देंगे।उनका कहना है कि आरटीआई कानून का उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, जबकि नए नियम इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई देते हैं।
फीस वृद्धि पर उठाए सवाल
हजारे ने आरटीआई आवेदन शुल्क बढ़ाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फीस बढ़ाने के पीछे कोई ठोस वित्तीय आधार या विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत नहीं किया है।उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि आरटीआई कोई राजस्व जुटाने का माध्यम नहीं है। यदि आवेदन शुल्क बढ़ाया जाता है तो सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर लगने वाले दंड में भी वृद्धि की जानी चाहिए।
पहचान पत्र की अनिवार्यता का विरोध
अन्ना हजारे ने आरटीआई आवेदन के साथ पहचान पत्र अनिवार्य करने का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(2) के अनुसार आवेदक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी या सूचना मांगने का कारण बताने की आवश्यकता नहीं होती।उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था से व्हिसलब्लोअर, सामाजिक कार्यकर्ताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
अन्य प्रावधानों पर भी आपत्ति
हजारे ने नए नियमों में शामिल “एक विषय एक आवेदन” व्यवस्था को भी अनावश्यक और जटिल बताया है। उनके अनुसार इससे नागरिकों को सूचना प्राप्त करने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ेगा।उन्होंने बार-बार किए गए आवेदनों को बंद करने के प्रावधान, आवेदक की अनुपस्थिति में अपील खारिज करने की व्यवस्था, आवेदक की मृत्यु होने पर मामला स्वतः समाप्त करने तथा सूचना आयोग की सुनवाई के दौरान कानूनी सहायता पर रोक जैसे प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है।
पांच जुलाई से अनशन की चेतावनी
अन्ना हजारे ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरकार इन बदलावों को वापस नहीं लेती तो वह 5 जुलाई से रालेगण सिद्धि स्थित यादव बाबा मंदिर परिसर में आमरण अनशन शुरू करेंगे।उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार देश में पारदर्शिता और जनभागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसे कमजोर करने वाले किसी भी कदम का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।