अंतिम संस्कार, तेरहवीं कर चुका परिवार तो जिंदा मिली बेटी:प्रयागराज की युवती 3 साल बाद गुजरात में मिली, वीडियो कॉल पर बात की
प्रयागराज में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। तीन साल पहले प्रीति नाम की 28 साल की युवती लापता हो गई थी। इसी साल 30 सितंबर को गोरखपुर में एक लाश मिली। पुलिस ने परिवार वालों को बुलाकर शिनाख्त कराई। घरवालों ने शव प्रीति का बताया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। प्रीति की मौत से पूरा परिवार सदमे में था।
इसी बीच गुजरात से आए एक फोन कॉल ने पूरी कहानी ही बदल दी। जिस बेटी को मरा जानकर अंतिम संस्कार किया गया था वह वीडियो कॉल पर मौजूद थी। उसने पूरे परिवार से बातें की। प्रीति जिंदा है यह देख परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। प्रीति को लेने के लिए अब परिवार वाले गुजरात गए हैं। फिल्मी कहानी जैसा यह मामला प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र के लालगोपालगंज के उमरावगंज का है। 13 मई 2023 को लापता हुई थी युवती उमरावगंज के रहने वाले बनवारी लाल की बेटी प्रीति (28) 13 मई 2023 को घर से निकली तो वापस नहीं लौटी। मां कमला देवी ने 16 मई को नवाबगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। काफी तलाश के बाद भी प्रीति का पता नहीं चला। गोरखपुर में मिली लाश 30 सितंबर 2026 को गोरखपुर पुलिस ने प्रीति के परिवार वालों से संपर्क किया। असल में पुलिस के गुमशुदगी वाले यक्ष एप पर प्रीति की गुमशुदगी की सूचना दी। गोरखपुर में चेलुआताल नदी के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवती का शव मिला है। इसी वजह से गोरखपुर पुलिस ने प्रीति के घरवालों को बुलाया कि आकर पहचान करें शायद शव उनकी बेटी का हो। पुलिस की सूचना पर कमला देवी, प्रीति का चचेरा भाई जितेंद्र और भाभी अनीता देवी गोरखपुर पहुंचे। शव क्षत-विक्षत हालत में था। परिजनों ने हाथ पर बने टैटू, नाक की कील और शरीर पर जले के निशान के आधार पर शव की पहचान प्रीति के रूप में कर ली। पुलिस ने डीएनए सैंपल लेने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिवार को सौंप दिया। चार अक्टूबर को अंतिम संस्कार
इसके बाद चार अक्टूबर को गांव में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार ने तेरहवीं भी कर दी। लापता बेटी की लाश मिलने के बाद परिवार सदमें डूब गया। वीडियो कॉल आई तो मचा हंगामा 26 अक्टूबर को बनवारी के घर नवाबगंज थाने की पुलिस पहुंची। परिवार वालों को बताया कि गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र से फोन आया है। वह लोग बात करना चाहते हैं। इसके बाद संरक्षण केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांड्या वीडियो कॉल पर आईं। उन्होंन बताया कि अपनी बेटी प्रीति हमारे साथ है। वीडियो कॉल पर प्रीति आई। उसने पिता बनवारी, मां कमला देवी, भाई जितेंद्र और भाभी अनीता देवी से बारी बारी बात की। दोनों तरफ से वीडियो कॉल पर बात करने वाले रोने लगे। 'अरे अम्मा, हम जियत हईं... वीडियो कॉल पर प्रीति को देख परिवार को यकी ही नहीं हो रहा था। उन्हें लगा कि कहीं एआई के जरिये ये सब न किया गया हो। वीडियो कॉल पर प्रीति ने सभी को नाम से पहचाना और पुरानी बातें याद दिलाईं। इसके बाद उसने अपनी मां से कहा, 'अरे अम्मा, हम जियत हईं...' बेटी की आवाज सुनते ही कमला देवी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। गुजरात रवाना हो गए परिवार वाले प्रीति जिंदा है यह सोचकर वीडियो कॉल पर देखकर पूरा परिवार खुश हो गया। खबर गांव में फैली तो पड़ोसी, रिश्तेदार जमा हो गए। मंगलवार को परिवार के लोग गुजरात के वडोदरा के लिए रवाना हो गए। गांव वाले अब उनके आने का इंतजार कर रहे हैं। प्रीति गुजरात कैसे पहुंची जानिये गुजरात के वडोदरा स्थित नारी संरक्षण केंद्र की काउंसलर तृप्ति पांड्या के मुताबिक, प्रीति पांच अगस्त 2023 को वडोदरा रेलवे स्टेशन पर गहरे अवसाद की स्थिति में मिली थी। तब वह कुछ भी बता पाने की हालत में नहीं थी। तब से केंद्र में उसकी देखभाल की जा रही थी। पिछले कुछ दिनों से वह बार-बार लालगोपालगंज के उमरावगंज जाने की बात कह रही थी। उससे कुछ जानकारी हासिल कर गूगल मैप पर जगह तलाशने के दौरान लालगोपालगंज का नाम सामने आया तो प्रीति ने बताया कि यह उसके गांव का बाजार है। इसके बाद नवाबगंज थाने का नंबर हासिल किया गया। नवाबगंज पुलिस से संपर्क कर पूरी बता बताई गई। इसके बाद पुलिस ने प्रीति के घर पहुंच परिवार वालों से बात कराया। एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला ने बताया कि एनजीओ के माध्यम से युवती के वडोदरा में सुरक्षित होने की सूचना मिली थी। तत्काल परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। वीडियो कॉल पर बातचीत कराई गई। परिवार वाले अब बेटी को लाने के लिए वडोदरा गए हैं। पुलिस हरसंभव मदद कर रही है।
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