एक जिले में 3 साल पूरे करने वाले अफसर हटाएं:निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से 30 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट

Oct 28, 2026 - 07:04
0
एक जिले में 3 साल पूरे करने वाले अफसर हटाएं:निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव और डीजीपी से 30 नवंबर तक मांगी रिपोर्ट
भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को देखते हुए निर्वाचन कार्यों से जुड़े अधिकारियों के तबादले और तैनाती के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि एक ही जिले में तैनात जिन अधिकारियों की सेवा 31 मई 2027 तक तीन साल पूरी हो जाएगी, उनका निर्धारित नीति के अनुसार जिले से तबादला किया जाएगा। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को तबादले और नई तैनाती से जुड़ी पूरी रिपोर्ट 30 नवंबर 2026 तक आयोग को भेजनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर तहसीलदार तक होंगे शामिल तबादला नीति में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा अपर जिलाधिकारी (एडीएम), उप जिलाधिकारी (एसडीएम), ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी और निर्वाचन कार्यों से सीधे जुड़े समान रैंक के अन्य अधिकारियों पर भी ये निर्देश लागू होंगे। मंडलायुक्त, नगर आयुक्त और नगर निगम व विकास प्राधिकरणों में तैनात संबंधित अधिकारियों को भी इन निर्देशों का पालन करना होगा। पुलिस, आबकारी और परिवहन विभाग के अफसरों का भी होगा तबादला आयोग के निर्देश पुलिस विभाग के उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) और उनसे ऊपर के रैंक के अधिकारियों पर भी लागू होंगे। आबकारी विभाग में उप निरीक्षक और समान रैंक के अधिकारियों के साथ उनसे वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला किया जाएगा। परिवहन विभाग के सब-इंस्पेक्टर और उनसे ऊपर के क्षेत्रीय अधिकारियों पर भी यह नीति लागू होगी। गृह जिले में नहीं मिलेगी तैनाती, पुराने चुनाव वाले क्षेत्र में भी वापसी नहीं आयोग ने स्पष्ट किया है कि तबादले के बाद किसी अधिकारी को उसके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और पुलिस इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर या उनसे वरिष्ठ संबंधित अधिकारियों को उस विधानसभा क्षेत्र या जिले में दोबारा तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए किसी उपचुनाव के दौरान तैनात थे। इन अधिकारियों को मिलेगी तबादले से छूट राज्य मुख्यालयों में तैनात संबंधित विभागों के अधिकारियों, निर्वाचन कार्य से जुड़े नहीं रहने वाले तकनीकी कर्मचारियों और सेक्टर ऑफिसर व जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों को सामान्य तौर पर इस नीति से छूट दी गई है। हालांकि, पर्यवेक्षकों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर को अधिकारियों के कामकाज पर नजर रखनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अधिकारी निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User