40 साल बाद गिरफ्त में आया हत्यारोपी

उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने हत्या और डकैती के मामले में पिछले 40 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी कल्लू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था और कई दशकों तक भेष बदलकर अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रह रहा था।

40 साल बाद गिरफ्त में आया हत्यारोपी

दि राइजिंग न्यूज़ | बांदा | 16 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 40 वर्षों से कानून की गिरफ्त से दूर था। हत्या और डकैती जैसे गंभीर मामलों में वांछित कल्लू सिंह को जिले में प्रवेश करते ही पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चार दशक पुराने मामले एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जवानी में किया अपराध, बुढ़ापे में पहुंचा जेल

पुलिस के अनुसार कल्लू सिंह ने अपने युवा दिनों में गंभीर अपराधों को अंजाम दिया था। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद वह फरार हो गया और वर्षों तक अलग-अलग स्थानों पर पहचान छिपाकर जीवन बिताता रहा। अब 65 वर्ष की उम्र में उसे दोबारा जेल की सलाखों के पीछे पहुंचना पड़ा है।

1984 के हत्या और डकैती मामले में था वांछित

मामला पैलानी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार वर्ष 1984 में लसड़ा गांव में हुई डकैती और हत्या की घटना में कल्लू सिंह का नाम सामने आया था। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और फिर कभी अदालत में पेश नहीं हुआ।

अदालत से कई बार जारी हुए वारंट

फरारी के दौरान आरोपी के खिलाफ अदालत की ओर से कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से दूर रहा और लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। पुलिस की विभिन्न टीमों ने समय-समय पर उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

रिश्तेदारी में छिपकर काटे कई साल

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद उसने कभी बांदा जिले में कदम नहीं रखा। वह फतेहपुर सहित अन्य क्षेत्रों में रिश्तेदारों के यहां रहकर अपनी पहचान छिपाता रहा। भेष बदलकर रहने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था।

फरारी के दौरान एक और हत्या का आरोप

जानकारी के अनुसार फतेहपुर जिले में रिश्तेदारी के दौरान विवाद के चलते आरोपी एक अन्य हत्या के मामले में भी शामिल रहा। बताया गया कि वर्ष 1992 में हुए इस मामले में भी उसे जेल जाना पड़ा था। इससे स्पष्ट होता है कि फरारी के दौरान भी उसका आपराधिक गतिविधियों से नाता बना रहा।

बांदा आते ही पुलिस ने दबोचा

आरोपी ने पूछताछ में कहा कि अपराध करने के बाद उसने कभी बांदा में कदम नहीं रखा था। उसने बताया कि जैसे ही वह वर्षों बाद जिले में पहुंचा, पुलिस को इसकी सूचना मिल गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र ने दिलाई सफलता

बांदा पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश में जुटी थी। विभिन्न स्रोतों से सूचना एकत्र की जा रही थी और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। हाल ही में उसके जिले में आने की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

एसपी ने दी जानकारी

बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि आरोपी कल्लू सिंह के खिलाफ हत्या और डकैती जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी पिछले 40 वर्षों से फरार था और लगातार स्थान बदलकर रह रहा था। सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

चार दशक बाद कानून के शिकंजे में अपराधी

इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। वर्षों तक फरार रहने के बावजूद आखिरकार आरोपी कानून के शिकंजे में आ गया। मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून की प्रक्रिया अंततः अपराधियों तक पहुंच ही जाती है।