भाई की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, अंतिम संस्कार में पहुंचे रौशन आनंद
रौशन आनंद भाई अंतिम संस्कार, प्रिंस यादव मौत मामला, सहरसा समाचार, बिहार ताजा खबर, नेपाल विराटनगर घटना, रौशन आनंद समाचार, प्रिंस यादव संदिग्ध मौत, बिहार राज्य समाचार, उच्चस्तरीय जांच की मांग, दि राइजिंग न्यूज़
दि राइजिंग न्यूज़ | सहरसा, बिहार | 16 जून 2026
बिहार के सहरसा जिले के धमसैना गांव में सोमवार देर रात उस समय भावुक माहौल देखने को मिला जब ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद अपने छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। भाई की मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार में सैकड़ों ग्रामीणों, छात्रों, शिक्षकों और शुभचिंतकों की मौजूदगी ने परिवार के दुख को और अधिक भावुक बना दिया।गांव में जैसे ही प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर पहुंचा, लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार प्रिंस का स्वभाव बेहद सरल और मिलनसार था, जिसके कारण क्षेत्र के लोगों में उनकी अच्छी पहचान थी। अंतिम यात्रा के दौरान गांव की गलियां गमगीन नजर आईं और हर आंख नम दिखाई दी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
नेपाल के विराटनगर में हुई थी संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार प्रिंस यादव की मौत नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद नेपाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया।हालांकि अभी तक मौत के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है। यही वजह है कि परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी इस मामले को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी तब तक सच्चाई सामने आना मुश्किल है।
पिता ने दी मुखाग्नि, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार उनके घर से कुछ दूरी पर स्थित श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार की सभी धार्मिक परंपराएं परिवार की मौजूदगी में संपन्न हुईं। इस दौरान उनके पिता ने मुखाग्नि देकर बेटे को अंतिम विदाई दी।अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की संख्या इतनी अधिक थी कि प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। गांव में देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा रहने के लिए पहुंचा।
रौशन आनंद ने जताया लोगों के प्रति आभार
भाई के अंतिम संस्कार के बाद रौशन आनंद ने गांव में मौजूद लोगों और समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में जिस तरह शिक्षकों, छात्रों और समाज के लोगों ने परिवार का साथ दिया है, उसे वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।रौशन आनंद ने भावुक स्वर में कहा कि उनका परिवार अपना एक सदस्य खो चुका है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि लोगों का समर्थन उनके परिवार के लिए इस कठिन समय में सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग हुई तेज
प्रिंस यादव की मौत को लेकर अब जांच की मांग लगातार तेज होती जा रही है। परिवार के सदस्यों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मौत की असली वजह सामने आनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की आशंका और भ्रम समाप्त हो सके।राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। कई नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मामले की उच्चस्तरीय जांच होती है तो मौत से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सकेगा और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
क्षेत्र में शोक का माहौल
प्रिंस यादव की मौत के बाद सहरसा और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल बना हुआ है। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी इस घटना को दुखद बता रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि प्रिंस सामाजिक कार्यों में भी रुचि रखते थे और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे।ग्रामीणों का कहना है कि परिवार पर अचानक आए इस दुख ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। लोगों को उम्मीद है कि जांच एजेंसियां जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाएंगी और परिवार को न्याय मिलेगा।