बरेली में जनगणना 2027 की तैयारियां शुरू:विकास भवन में निदेशक शीतल वर्मा ने की मंडलीय समीक्षा, 16 नवंबर से खुद दर्ज कर सकेंगे डेटा
देश में 'जनगणना 2027' को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा (आईएएस) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बरेली मंडल के सभी जनपदों की तैयारियों और कार्य प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को समयबद्ध व त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में कमिश्नर शंभू कुमार (आईएएस), जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह (आईएएस), मुख्य विकास अधिकारी देवयानी (आईएएस), नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य (आईएएस), अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०)/जिला जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय समेत मंडल के चारों जिलों के डीएम, सीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया
प्रशासन द्वारा जारी योजना के अनुसार जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना - PE) को तीन प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है। इसके तहत नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की विशेष सुविधा भी दी जा रही है:
1. स्व-गणना (Self Enumeration): 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026
इस अवधि में आम नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार की आवश्यक जानकारियां दर्ज कर सकेंगे।
2. घर-घर जाकर जनगणना (Population Enumeration): 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027
गणनाकर्मी (इन्यूमरेटर्स) घर-घर जाकर फील्ड स्तर पर सभी परिवारों से प्रत्यक्ष संपर्क करेंगे और आंकड़ों का संकलन पूरा करेंगे।
3. पुनरीक्षण चरण (Revisional Round): 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027
एकत्रित किए गए आंकड़ों की दोबारा गहन जांच और सत्यापन किया जाएगा, ताकि कोई भी परिवार या सदस्य गणना से वंचित न रहे। हाउसहोल्ड से इंडिविजुअल तक तीन स्तरों पर डेटा संग्रह
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि किसी भी बड़े सर्वेक्षण और जनगणना की सफलता सटीक डेटा संग्रह पर टिकी होती है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि डेटा कलेक्शन तीन स्तरों—हाउसहोल्ड (परिवार), कम्युनिटी लेवल (समुदाय) और इंडिविजुअल लेवल (व्यक्तिगत विवरण) पर पूरी सूक्ष्मता के साथ होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आगामी चुनावों एवं अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि अंतिम रिपोर्ट पूरी तरह पारदर्शी और सटीक तैयार हो सके। 'सही गणना, सशक्त समाज और समृद्ध भारत' का संकल्प
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे 'जनगणना से जनकल्याण' के इस राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग दें। गणना कर्मियों के घर पहुंचने पर परिवार का सही और पूरा ब्योरा उपलब्ध कराएं, क्योंकि इन्हीं प्राथमिक आंकड़ों के आधार पर भविष्य की जनकल्याणकारी नीतियां और विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं। बैठक के अंत में जिला जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सुपरवाइजरों व प्रगणकों का समय पर प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए।
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