सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर साइबर हमला, एक लाख से अधिक अनधिकृत पहुँच प्रयास दर्ज
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर छात्रों द्वारा बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। इसी बीच पोर्टल को साइबर हमलों का सामना करना पड़ा, जिसमें बड़ी संख्या में अनधिकृत पहुँच और भारी ट्रैफिक प्रयास दर्ज किए गए। बोर्ड की साइबर सुरक्षा टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सिस्टम को सुरक्षित रखा और सेवाएँ सुचारु रूप से जारी रहीं। हजारों छात्रों ने बिना किसी बड़ी बाधा के अपना आवेदन सफलतापूर्वक पूरा किया।
दि राइजिंग न्यूज़ | 02 जून | 2026
पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्रों की बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर इस समय देशभर से बड़ी संख्या में छात्र ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन को लेकर छात्रों में लगातार रुचि बढ़ रही है, जिसके कारण पोर्टल पर भारी ट्रैफिक दर्ज किया गया है। कई छात्र अपने परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट होकर पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया का सहारा ले रहे हैं।इस बढ़ते लोड के बावजूद पोर्टल ने सामान्य रूप से कार्य करना जारी रखा और अधिकांश छात्रों को बिना किसी रुकावट के सेवा उपलब्ध कराई गई। हजारों छात्रों ने सफलतापूर्वक अपना आवेदन पूरा किया और प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
पोर्टल की तकनीकी क्षमता और सिस्टम प्रदर्शन
बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को इस तरह से विकसित किया गया है कि यह एक साथ लगभग आठ हजार उपयोगकर्ताओं को संभाल सकता है। यह क्षमता सामान्य परिस्थितियों में सुचारु रूप से काम करती है और छात्रों को ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध कराती है।मंगलवार दोपहर लगभग तीन बजे तक सोलह हजार से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपना आवेदन जमा कर दिया था। उपयोगकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद सिस्टम ने अधिकांश समय स्थिरता बनाए रखी और सेवाएँ बाधित नहीं हुईं।
साइबर हमलों की गंभीर घटनाएँ सामने आईं
इसी बीच पोर्टल पर साइबर हमलों की गंभीर घटनाएँ भी दर्ज की गईं। बोर्ड के अनुसार कुछ असामाजिक और शरारती तत्वों ने पोर्टल की सेवाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया। इन हमलों का उद्देश्य प्रणाली को बाधित करना और उसकी कार्यक्षमता को नुकसान पहुँचाना था।सबसे गंभीर हमले में केवल दो मिनट के भीतर लगभग पंद्रह लाख बार सिस्टम पर अनावश्यक अनुरोध भेजे गए। यह एक अत्यधिक दबाव बनाने का प्रयास था, जिससे पोर्टल की सेवाएँ प्रभावित हो सकती थीं।इसके अतिरिक्त एक लाख से अधिक बार फाइलों और डेटा तक अनधिकृत पहुँच बनाने की कोशिश की गई। हालांकि सभी प्रयासों को सुरक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक रोक दिया और किसी प्रकार की जानकारी लीक या क्षति नहीं हुई।
साइबर सुरक्षा टीम की सतत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया
जैसे ही साइबर हमलों की जानकारी सामने आई, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की साइबर सुरक्षा टीम तुरंत सक्रिय हो गई। टीम ने सभी संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर उन्हें समय रहते निष्क्रिय किया और पोर्टल की सेवाओं को बाधित होने से बचाया।पूरे सिस्टम पर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार के नए हमले को तुरंत रोका जा सके। तकनीकी टीम लगातार सुरक्षा स्तर को मजबूत करने और सिस्टम को स्थिर बनाए रखने में जुटी हुई है।
छात्रों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुविधा और उनके डेटा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं।भविष्य में इस प्रकार की साइबर घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा ढांचे को और अधिक मजबूत करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि छात्रों को बिना किसी बाधा के सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।