चंद्रशेखर आजाद ने की क्वालिटी एजुकेशन और रोजगार की मांग:बारिश में सम्मेलन कर सरकार पर साधा निशाना, पेपर लीक-अग्निवीर योजना पर उठाए सवाल
शामली के भैंसानी इस्लामपुर में सोमवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बारिश के बीच हुए सम्मेलन में शिक्षा, रोजगार, किसान, मजदूर, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाए। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि नौ साल में सरकार ने सिर्फ बातें की हैं, जनता को कुछ नहीं दिया। उन्होंने पेपर लीक, बेरोजगारी, अग्निवीर योजना, खराब स्कूलों और सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि युवा डिग्री लेकर रोजगार के लिए भटक रहे हैं। भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक होने से उनके भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। किसान, नौजवान, पंचायत सहायक और रोजगार सेवक भी परेशान हैं। आजाद ने कहा कि सरकार को गरीब, किसान और नौजवानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जनता को रोजगार, अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। चंद्रशेखर ने कहा कि किसान, व्यापारी, महिलाएं, नौजवान, सरकारी और निजी कर्मचारी समेत समाज के अलग-अलग वर्ग अपने मुद्दों को लेकर परेशान हैं। उन्होंने पंचायत सहायकों और रोजगार सेवकों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती है और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की शिकायतों से उनका भरोसा प्रभावित होता है। ‘गरीब के बच्चे को भी मिले क्वालिटी एजुकेशन’ सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि यदि गरीबों के बच्चों को वास्तव में अच्छी शिक्षा देनी है तो स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, अच्छे क्लासरूम, पीने का पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब और अमीर के बच्चों को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीटेक, एमटेक, आईटीआई, एमबीए, एमसीए, बीसीए, लॉ और अन्य प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई भी गरीब परिवारों के बच्चों की पहुंच में होनी चाहिए। उन्होंने सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने और नेताओं-अधिकारियों के बच्चों को भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने की बात कही। ‘सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट से बेहतर सुविधाएं हों’ सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं ऐसी होनी चाहिए कि गरीब परिवारों को इलाज के लिए जमीन या संपत्ति बेचने की नौबत न आए। उन्होंने सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। चंद्रशेखर ने नेताओं और अधिकारियों के परिवारों को भी सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की बात कही। उनका कहना था कि जब सभी वर्ग सरकारी स्कूल और अस्पताल का इस्तेमाल करेंगे तो व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। किसान सम्मान निधि का जिक्र किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि किसानों को सालाना छह हजार रुपये मिलते हैं। उन्होंने इसे मासिक हिसाब से पांच सौ रुपये बताते हुए कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग भी उठाई। उन्होंने किसानों से अपने अधिकारों को ध्यान में रखकर मतदान करने और संगठन को मजबूत करने की अपील की। ‘युवाओं को रोजगार के लिए घर से दूर जाने की मजबूरी खत्म हो’ चंद्रशेखर ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में परिवार से दूर जाकर काम करने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिस युवा ने पढ़-लिखकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करनी थी, वह डिग्री लेकर रोजगार की तलाश में घूम रहा है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार से युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीरता से काम करने की मांग की। ‘बुलडोजर और एनकाउंटर की राजनीति का विरोध’ चंद्रशेखर ने प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था और बुलडोजर कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब के घर पर कार्रवाई के खिलाफ उनकी पार्टी आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि उन नीतियों से है, जिनसे गरीब और कमजोर वर्ग प्रभावित होता है। उन्होंने अपने पुराने जेल अनुभव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा गया और हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और मौत के डर के बावजूद उन्होंने लोगों के अधिकारों की लड़ाई नहीं छोड़ी। पंचायत सहायकों, महिला कर्मियों और पुलिस का मुद्दा उठाया चंद्रशेखर ने पंचायत सहायकों, रोजगार सेवकों और महिला कर्मियों के मानदेय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी के अनुसार सम्मानजनक भुगतान मिलना चाहिए। बारिश में ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी भी सरकार के कर्मचारी हैं और कई बार उन पर दबाव में काम करने के आरोप लगते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी, अवकाश, वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे संसद में उठाने की बात कही। अर्धसैनिक बलों के जवानों के पेंशन और शहीद होने वाले जवानों के सम्मान का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। ‘वोट हमारा अधिकार और ताकत’ चंद्रशेखर ने लोगों से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट उसकी ताकत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बारिश में लोगों ने उनके लिए समय निकाला है, इसलिए वह भी जनता के मुद्दों के लिए कठिन परिस्थितियों में खड़े रहने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति कमजोर, किसान, मजदूर, युवा और आम लोगों के अधिकारों को लेकर है। कार्यक्रम के दौरान बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। मंच से कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद यहां पहुंचने वाले लोगों की मौजूदगी यह बताती है कि जनता अपने मुद्दों को लेकर गंभीर है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)