दीपावली के लिए 40 लाख का माल खरीदा...आग में सब-राख:दो परिवारों की वर्षों की मेहनत बर्बाद, दूसरे कारोबारी ने बताया- करोड़ों का नुकसान
वाराणसी के मदनपुरा में बुधवार को लगी भीषण आग ने दो कारोबारी परिवारों की वर्षों की मेहनत बर्बाद कर दी। एक तरफ झाड़ू, पेंट और तारपीन का सामान बेचने वाली 20 साल पुरानी दुकान जलकर राख हो गई, तो दूसरी तरफ सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स की दुकान और उसके ऊपर बना चार मंजिला गेस्ट हाउस भी आग की चपेट में आकर तबाह हो गया। जेएस हार्डवेयर के मालिक संजय प्रजापति ने बताया कि दीपावली के सीजन के लिए उन्होंने 40 लाख रुपये का कर्ज लेकर दुकान में सामान भरा था। उन्हें उम्मीद थी कि त्योहार पर होने वाली कमाई से कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी, लेकिन आग में पूरा माल जल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि संजय खुद दुकान के ऊपर फंस गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला। वहीं, सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स के मालिक जोगिंदर सिंह ने बताया कि उनकी ज्वेलरी शॉप और ऊपर बना गेस्ट हाउस पूरी तरह तबाह हो गए। उनके मुताबिक, नुकसान करोड़ों रुपये का है। अब दोनों परिवारों के सामने कारोबार दोबारा खड़ा करने और रोजी-रोटी चलाने की चिंता है। बाहर से आई चिंगारी, पांच मिनट में फैली आग
संजय प्रजापति ने बताया कि उनकी दुकान में झाड़ू, पेंट और तारपीन का सामान था। बाहर से आ रही एक तार से छोटी-सी चिंगारी निकली, जो दुकान में जा गिरी। इसके बाद आग ने सामान को अपनी चपेट में ले लिया। संजय के मुताबिक, वह आग बुझाने के लिए फायर सेफ्टी लेने ऊपर गए थे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि वह वहीं फंस गए। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान आग की चपेट में आ गई। उन्होंने बताया कि दुकान का नाम जेएस हार्डवेयर था और यह पिछले 20 साल से उसी जगह पर चल रही थी। उनके पिता ने दुकान शुरू की थी। परिवार के चारों भाई इसी दुकान में काम करते थे। संजय के परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं। पत्नी को पड़ोसी ने फोन कर बताया
संजय की पत्नी इंदिरा प्रजापति ने बताया कि वह घर पर थीं। दोपहर करीब डेढ़ बजे पड़ोस से फोन आया कि दुकान में आग लग गई है। शुरुआत में उन्हें लगा कि आग थोड़ी-बहुत होगी। जब वह मौके पर पहुंचीं तो आग बहुत भयानक थी। लोगों ने बताया कि उनके पति सुरक्षित बाहर हैं, लेकिन बाद में उन्होंने देखा कि फायर ब्रिगेड की टीम उन्हें बाहर निकाल रही थी। इंदिरा ने बताया कि उनका परिवार रेवड़ी तालाब, तिलभांडेश्वर महादेव के पास रहता है। दुकान और उसके ऊपर बना गेस्ट हाउस ही परिवार की कमाई का मुख्य जरिया थे। उन्होंने कहा कि दुकान 20 साल पुरानी थी, जबकि गेस्ट हाउस को उन्होंने और उनके पति ने कई साल की मेहनत से एक-एक पैसा जोड़कर बनवाया था। उनके 14 साल का बेटा और 7 साल की बेटी है, दोनों स्कूल जाते हैं। दीपावली की कमाई से चुकाना था कर्ज
इंदिरा ने बताया कि दीपावली का समय उनकी दुकान के लिए सबसे बड़ा सीजन होता है। इसी दौरान सबसे ज्यादा कमाई होती है। उन्होंने बताया कि आग लगने की वजह उन्हें नहीं पता। उनके पति ग्राहकों के काम में व्यस्त थे, तभी अचानक आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी दुकान और चार मंजिला गेस्ट हाउस भी राख इसी आग में सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स की दुकान और उसके ऊपर बना चार मंजिला गेस्ट हाउस भी तबाह हो गया। दुकान के मालिक जोगिंदर सिंह ने बताया कि ज्वेलरी और दुकान का सामान जल गया है। ऊपर बना गेस्ट हाउस भी पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने यहां दुकान और गेस्ट हाउस शुरू किया था। उनके मुताबिक, नुकसान करोड़ों रुपए का है, लेकिन अभी उसका आकलन करना भी मुश्किल है। बोले- समय पर दमकल पहुंचती तो शायद कुछ बच जाता सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स के मालिक के बेटे दीपक सिंह ने बताया कि दमकल की गाड़ी पहुंचने में 40 से 45 मिनट लग गए। दीपक ने कहा कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती, तो शायद आग कम फैलती और कुछ सामान बचाया जा सकता था। नवजोत सिंह ने भी बताया कि आग बगल की दुकान में लगी थी, लेकिन इसकी चपेट में उनकी पूरी ज्वेलरी शॉप और गेस्ट हाउस आ गए। दोनों परिवारों के सामने अब आगे की चिंता एक परिवार ने दीपावली के लिए 40 लाख रुपए का कर्ज लेकर सामान खरीदा था, जो आग में जल गया। दूसरे परिवार की ज्वेलरी दुकान और गेस्ट हाउस तबाह हो गए। दोनों के लिए नुकसान का मतलब सिर्फ जली हुई इमारतें या सामान नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और कमाई का सहारा खोना भी है। दीपावली के सबसे व्यस्त कारोबारी समय में हुई इस घटना ने दोनों परिवारों के सामने दोबारा कारोबार खड़ा करने और भविष्य संभालने की चुनौती खड़ी कर दी है।
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