एडीओ की क्लीन चिट के बावजूद सफाई कर्मचारी निलंबित:DPRO ने की कार्रवाई, पिता की फर्म से संबंध न होने का दिया था स्पष्टीकरण

Oct 22, 2026 - 12:47
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एडीओ की क्लीन चिट के बावजूद सफाई कर्मचारी निलंबित:DPRO ने की कार्रवाई, पिता की फर्म से संबंध न होने का दिया था स्पष्टीकरण
महराजगंज में सफाई कर्मचारी विजय बहादुर के निलंबन को लेकर विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। सिसवा के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने कर्मचारी का स्पष्टीकरण और समर्थन में दिए गए दस्तावेज जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजते हुए आरोपमुक्त करने की संस्तुति की थी। इसके बावजूद डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने तीन अक्टूबर को उसे निलंबित कर दिया। मामला सिसवा विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुर खुर्द (विशुनपुरा) में तैनात विजय बहादुर से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वह अपने पिता के नाम से संचालित दिव्यांश इंटरप्राइजेज फर्म को लाभ पहुंचा रहे हैं। विभाग ने इसे कर्मचारी आचरण नियमावली और निविदा संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन माना है। अब विभागीय जांच में आरोपों और कर्मचारी की ओर से दिए गए साक्ष्यों की पड़ताल होगी। पिता की फर्म से संबंध नहीं होने का दिया था जवाब जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय ने छह अगस्त 2026 को नोटिस जारी कर विजय बहादुर से तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब में कर्मचारी ने कहा कि दिव्यांश इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर उनके पिता गोरख प्रसाद हैं, लेकिन उनका फर्म से कोई वर्तमान संबंध नहीं है। कर्मचारी ने यह भी दावा किया कि वह अपने पिता से करीब आठ-नौ साल से अलग मकान में रह रहे हैं। अपने पक्ष में उन्होंने परिवार रजिस्टर की नकल और नोटरी शपथपत्र भी प्रस्तुत किया। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने आरोपों से मुक्त करने का अनुरोध किया था। एडीओ पंचायत ने साक्ष्यों के साथ भेजी आख्या सिसवा के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने 17 सितंबर 2026 को पत्र जारी कर विजय बहादुर का स्पष्टीकरण और उसके साथ प्रस्तुत दस्तावेज डीपीआरओ को भेजे। पत्र में कर्मचारी के लिखित जवाब का उल्लेख करते हुए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया। साथ ही, उसके पक्ष को देखते हुए आरोपमुक्त करने की संस्तुति की गई। तीन अक्टूबर को डीपीआरओ ने किया निलंबित एडीओ पंचायत की आख्या के बावजूद डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने तीन अक्टूबर 2026 को विजय बहादुर के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आदेश में चार सितंबर को दर्ज आईजीआरएस शिकायत का हवाला देते हुए पिता के नाम से संचालित फर्म को लाभ पहुंचाने, निविदा नियमों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। आदेश में शासनादेश संख्या 730/33-3-2022-11, दिनांक 26 अप्रैल 2022 का भी उल्लेख है। इसमें पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों की ओर से स्थापित फर्मों से वेंडर के रूप में काम नहीं लेने संबंधी निर्देशों का हवाला दिया गया है। घुघली के एडीओ पंचायत को जांच की जिम्मेदारी निलंबन आदेश में घुघली के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में विजय बहादुर को घुघली स्थित एडीओ पंचायत कार्यालय से संबद्ध किया गया है। अब जांच के दौरान कर्मचारी के स्पष्टीकरण, परिवार रजिस्टर की नकल, नोटरी शपथपत्र और शिकायत में लगाए गए आरोपों का परीक्षण किया जाएगा। विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपों के संबंध में कौन से तथ्य प्रमाणित होते हैं।

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