FIR-जुर्माने के खिलाफ नगर निगम पहुंचे NSUI नेता आदित्य शुक्ला:बोले- ‘नियम हैं तो सभी के लिए समान हों; नगर आयुक्त बोले- मामले में जांच जारी है
शहर में पोस्टर लगाने के मामले में कार्रवाई के बाद सोमवार को छात्र नेता एवं एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला ने नगर निगम परिसर का घेराव किया। वह अपने अधिवक्ता साथियों के साथ नगर निगम पहुंचे और नगर आयुक्त अजय जैन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और नगर निगम की ओर से लगाए गए 2.50 लाख रुपये के जुर्माने को लेकर कई सवाल उठाए। आदित्य शुक्ला ने नगर निगम से कार्रवाई का कानूनी आधार, पुलिस को दी गई तहरीर, जुर्माने की गणना और पोस्टर लगाने से जुड़े नियमों की जानकारी मांगी है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि शहर में पोस्टर और होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति और शुल्क जरूरी है तो राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से लगाए गए पोस्टरों पर नगर निगम ने अब तक कितनी कार्रवाई की है। 'यूपी में छात्रसंघ पर ताला, दिल्ली में जीत पर माला' लिखा था पोस्टर
दरअसल, गोरखपुर में आदित्य शुक्ला की ओर से एक पोस्टर लगाया गया था। इस पर लिखा था- 'यूपी में छात्रसंघ पर ताला, दिल्ली में जीत पर माला'। पोस्टर लगाए जाने के बाद उसे रातों-रात हटा दिया गया था। इसके बाद मामले में आदित्य शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और नगर निगम की ओर से 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने की बात सामने आई।
आदित्य शुक्ला का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नगर निगम की ओर से सीधे नहीं, बल्कि समाचार-पत्रों के माध्यम से मिली। उनका दावा है कि अब तक उन्हें इस संबंध में कोई विधिवत लीगल नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है।
नगर निगम से पूछे सवाल
ज्ञापन में आदित्य शुक्ला ने नगर निगम से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा कि पुलिस को तहरीर किस अधिकारी की ओर से दी गई थी और उसमें एफआईआर दर्ज कराने का क्या आधार बताया गया। इसके अलावा 2.50 लाख रुपये का जुर्माना किस नियम के तहत लगाया गया और इसकी गणना किस आधार पर की गई, इसकी जानकारी भी मांगी गई है। उन्होंने कार्रवाई से संबंधित नोटिस और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नगर निगम ने किस प्रावधान के तहत कार्रवाई की।
राजनीतिक दलों के पोस्टरों पर कार्रवाई का रिकॉर्ड भी मांगा
आदित्य शुक्ला ने नगर निगम से यह भी पूछा कि यदि शहर में पोस्टर, बैनर और होर्डिंग लगाने के लिए अनुमति लेना और शुल्क जमा करना अनिवार्य है, तो अब तक इस नियम का किस तरह पालन कराया गया है।
उन्होंने भाजपा समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से लगाए गए पोस्टरों के संबंध में नगर निगम की कार्रवाई का रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही पूछा है कि ऐसे मामलों में नगर निगम ने कितने लोगों या संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की और अब तक कितना शुल्क या जुर्माना वसूला गया।
'नियम हैं तो सभी के लिए समान होने चाहिए'
ज्ञापन सौंपने के बाद आदित्य शुक्ला ने कहा कि वह किसी व्यक्ति या संगठन के लिए नियमों में छूट की मांग नहीं कर रहे हैं। उनका सवाल सिर्फ नियमों के समान रूप से लागू होने को लेकर है।
उन्होंने कहा, "अगर नियम हैं तो वे सभी के लिए समान होने चाहिए। मेरे पोस्टर पर कार्रवाई हुई है तो उसका पूरा कानूनी आधार, नोटिस, तहरीर और जुर्माने की गणना सार्वजनिक की जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि इसी नियम के तहत अन्य राजनीतिक दलों के पोस्टरों पर कितनी कार्रवाई हुई और कितना शुल्क वसूला गया।"
आदित्य शुक्ला ने कहा कि सोमवार को उन्होंने नगर निगम के सामने अपने सवाल रख दिए हैं। अब नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह इन सवालों का दस्तावेजों के साथ स्पष्ट जवाब दे।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सवाल पूछने वाले से जवाब मांगने के बजाय सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।"
नगर आयुक्त बोले- ज्ञापन के आधार पर जांच की जा रही
इस मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत में नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि सोमवार को आदित्य शुक्ला की ओर से नगर निगम को ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं के आधार पर नगर निगम की टीम मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अपर नगर आयुक्त कराई थी शिकायत शुक्रवार को अपर नगर आयुक्त नगर निगम गोरखपुर ने थाना कैंट को पत्र देकर शिकायत की थी। पत्र में कहा गया था कि NSUI UP छात्र नेता आदित्य शुक्ला द्वारा गोरखपुर विश्वविद्यालय, छात्र संघ चौराहा एवं अन्य विभिन्न स्थलों पर नगर निगम गोरखपुर से बिना अनुमति प्राप्त किए कई होर्डिंग और फ्लेक्स लगा दिए गए हैं, जो कि आपत्तिजनक हैं। इस पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। शिकायत मिलते ही कैंट थाने में केस दर्ज कर लिया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अविरल मिश्रा को सौंपी गई है। बिना अनुमति के नहीं लगा सकते होर्डिंग, बैनर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में बिना अनुमति होर्डिंग, बैनर, पोस्टर लगाने पर रोक है। इससे शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और ट्रैफिक में भी बाधा आती है। कई बार चेतावनी के बाद भी छात्र नेता द्वारा मनमानी की जा रही थी। उधर, इस कार्रवाई को लेकर छात्र राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। NSUI कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों को लेकर फ्लेक्स लगाए गए थे। वहीं नगर निगम का कहना है कि नियम सभी के लिए बराबर हैं, बिना अनुमति कोई भी प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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