नीट के बाद अब सीबीएसई पर घमासान, राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला

सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन को लेकर देश में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवादित कंपनी को ठेका देने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है।

नीट के बाद अब सीबीएसई पर घमासान, राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 मई 2026

नीट परीक्षा विवाद के बाद अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणाम और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर देश में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन का काम संभालने वाली एक निजी तकनीकी कंपनी को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि विवादों में घिर चुकी कंपनी को लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील ठेका देकर सरकार ने बड़ी लापरवाही की है।

सीबीएसई मूल्यांकन को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी और डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विवादित कंपनी को ठेका देने पर सवाल

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिस निजी कंपनी को सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन का काम दिया गया, उसका पुराना रिकॉर्ड विवादों से भरा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यही कंपनी पहले दूसरे नाम से परीक्षा परिणाम विवादों में घिर चुकी थी। राहुल गांधी ने कहा कि कंपनी का इतिहास सामने होने के बावजूद उसे इतना बड़ा ठेका देना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

कांग्रेस नेता ने कहा कि करोड़ों परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर पहले से चिंता में हैं और ऐसे समय में परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल बेहद गंभीर हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य को खतरे में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बनाए रखने के लिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।

न्यायिक जांच और विशेष जांच दल की मांग

राहुल गांधी ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने और विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि आखिर विवादों में घिरी कंपनी को ठेका किस आधार पर दिया गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

केंद्र सरकार से पूछे कई सवाल

राहुल गांधी ने सरकार से पूछा कि आखिर ऐसी कंपनी को संवेदनशील जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई, जिसका नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कंपनी का पृष्ठभूमि परीक्षण ठीक तरीके से क्यों नहीं किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है और इससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।

नीट विवाद के बाद बढ़ी शिक्षा व्यवस्था पर चिंता

देश में पहले से ही नीट परीक्षा विवाद को लेकर माहौल गर्म है। ऐसे में अब सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवालों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है। वहीं छात्र और अभिभावक भी पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।