गोरखपुर में नशे से दूर रहने का संकल्प:डॉक्टरों ने कहा- जानवर काटे तो तुरंत लगवाएं टीका, रेबीज से बचाव के तरीके बताए
गोरखपुर के राजकीय एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में सोमवार को विश्व रेबीज दिवस और सेवा संकल्प अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज की छात्राओं को रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी से बचने के तरीके आसान भाषा में समझाए गए। साथ ही नशे के नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ राजेश झा मुख्य रूप से शामिल हुए और छात्राओं से सीधे संवाद किया। रेबीज क्या है और कैसे फैलता है? डॉ. राजेश झा ने बताया कि रेबीज एक बहुत गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसका सही समय पर इलाज न हो तो जान भी जा सकती है। यह बीमारी ज्यादातर कुत्ते, बिल्ली और बंदर के काटने से फैलती है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि अगर किसी को कोई जानवर काट ले तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें। उन्होंने कहा कि जानवर के काटने के बाद सबसे जरूरी है कि तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और टीका लगवाएं। सरकारी अस्पतालों में यह टीका आसानी से उपलब्ध है। समय पर टीका लगवाने से रेबीज से बचा जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार लोग डर या गलत जानकारी के कारण इलाज में देरी कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों ने आसान भाषा में दी पूरी जानकारी कार्यक्रम में डॉ. सिद्धेश्वरी सिंह, डॉ. अर्चना और जपाइगो संस्था की श्रद्धा ने छात्राओं को रेबीज के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी समझाया कि जानवर के काटने के बाद क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए। छात्राओं ने भी कार्यक्रम में दिलचस्पी दिखाई और अपने सवाल पूछे। नशा सेहत के लिए नुकसानदायक इसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। डॉक्टरों ने कहा कि नशा न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग को भी नुकसान पहुंचाता है। इससे मानसिक तनाव और कई बीमारियां बढ़ सकती हैं।
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