क्या पहले से अटैक का था प्लान? हमामी ने क्यों की प्लेन क्रैश की कोशिश, इनसाइड स्टोरी
फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कथित हमला करने वाले को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उसके पुराने सामाजिक माध्यम खातों में अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें और कथित चरमपंथी सामग्री मिली थी। इससे पहले ओमान एयर में भी उसे सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते उड़ान प्रशिक्षण से हटाए जाने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान में हुआ हमला पहले से सुनियोजित था या इसके पीछे कोई आतंकी मकसद था।
दि राइजिंग न्यूज़ | दुबई | 3 अक्टूबर 2026
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कथित हमले के मामले में को-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं। जांच से जुड़े अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम पहले ओमान एयर में उड़ान संबंधी जिम्मेदारियों से हटाया गया था और उसके पुराने सामाजिक माध्यम खातों में कथित तौर पर चरमपंथी विचारों तथा अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें मिली हैं। हालांकि, इन जानकारियों से यह अपने आप साबित नहीं होता कि विमान में हमला पहले से सुनियोजित था। इस पहलू की जांच अभी जारी है।
हमाम अल-हमामी कौन है
रिपोर्टों के अनुसार हमाम अल-हमामी ओमान का नागरिक है और करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था। इससे पहले उसने ओमान एयर में लगभग सात वर्ष काम किया था और बाद में रॉयल एयर मैरोक से भी जुड़ा रहा। उसके नाम से जुड़ी व्यावसायिक प्रोफाइल में विमानन क्षेत्र से संबंधित अनुभव दर्ज होने की बात सामने आई है। मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल उसके पुराने विमानन रिकॉर्ड को लेकर उठ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2024 में ओमान एयर ने उसे उड़ान प्रशिक्षण से हटा दिया था और इसके पीछे उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता बताई गई थी। हालांकि, उस समय उसकी जानकारी दूसरी विमानन कंपनियों या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के साथ किस स्तर तक साझा की गई थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पुराने सामाजिक माध्यम खातों में क्या मिला
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हमाम से जुड़े पुराने सामाजिक माध्यम खातों की जांच में कुछ ऐसे चित्र और वीडियो मिले हैं जिनमें अल-कायदा से जुड़े लोगों को दिखाया गया था। रिपोर्ट में एक ऐसे वीडियो का भी उल्लेख है जिसमें विमान के कॉकपिट से जुड़े दृश्य दिखाई देते हैं और बाद में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी तथा एक अन्य आतंकी हमले से जुड़े व्यक्ति की तस्वीरें दिखाई देती हैं। ये खाते बाद में हटा दिए गए। जांचकर्ताओं के लिए इन सामग्री का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि यह सामग्री विमान में हुई हिंसक घटना से पहले की उसकी वैचारिक गतिविधियों के बारे में सवाल खड़े करती है। लेकिन किसी व्यक्ति के सामाजिक माध्यम पोस्ट और किसी आपराधिक घटना के बीच सीधा संबंध तभी स्थापित किया जा सकता है जब जांच में ठोस साक्ष्य सामने आएं। फिलहाल अधिकारियों की जांच इसी कड़ी को समझने पर केंद्रित है।
महिलाओं और कामकाजी व्यवस्था को लेकर भी सामने आए पुराने विचार
रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2021 और 2022 के लगभग तीन हजार पुराने और अब हटाए जा चुके पोस्टों का विश्लेषण किया गया है। इनमें महिलाओं के काम करने, विवाह के बाद पत्नी के नौकरी करने और नकाब से जुड़े उसके सख्त विचारों का उल्लेख सामने आया है। कुछ पोस्टों में उसने पुरुषों और महिलाओं के साथ काम करने वाली जगहों का भी विरोध किया था। इन पोस्टों से उसके निजी और धार्मिक विचारों के बारे में संकेत मिल सकते हैं, लेकिन इन्हें विमान पर हुए हमले का प्रत्यक्ष कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसियों को यह निर्धारित करना होगा कि उसके पुराने विचार केवल निजी मान्यताएं थीं या उनका किसी हिंसक कार्रवाई की योजना से कोई वास्तविक संबंध था।
मक्का, मदीना और यरूशलम से जुड़ी तस्वीर भी चर्चा में
रिपोर्टों के अनुसार उसके पुराने सामाजिक माध्यम खातों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार एक तस्वीर भी मिली थी, जिसमें मक्का, मदीना और यरूशलम को एक चमकती हुई रेखा से जोड़ा गया था। इसके साथ कथित तौर पर ऐसी कविता का इस्तेमाल किया गया था जिसमें मौत और अपमान जैसे शब्दों का उल्लेख था। इस सामग्री को लेकर भी जांच की जा रही है।हालांकि, इस तरह की सामग्री का विमान में हुई घटना से सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। जांचकर्ताओं के सामने मुख्य सवाल यह है कि क्या इन पोस्टों से किसी पूर्व नियोजित हमले की मानसिकता या योजना का प्रमाण मिलता है। इसका उत्तर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
विमान में आखिर हुआ क्या था
30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित माछर और को-पायलट के बीच गंभीर हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के अनुसार कैप्टन पर हमला किया गया और विमान कुछ ही समय में हजारों फुट नीचे चला गया। स्थिति बिगड़ने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया। विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों, चालक दल के सदस्यों और यात्रियों ने स्थिति संभालने में मदद की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित माछर ने विमान को सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विमान में सवार सभी 174 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
क्या हमाम विमान को जानबूझकर गिराना चाहता था
अधिकारियों के अनुसार को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन पर हमला करने के बाद विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की और विमान तेजी से नीचे आया। संयुक्त अरब अमीरात के अभियोजक ने घटना को आतंकवादी कृत्य के रूप में जांचे जाने की जानकारी दी है। हालांकि, हमले के पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या विमान को जानबूझकर गिराने की योजना थी, इसकी विस्तृत जांच अभी चल रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमाम ने यह कदम अकेले उठाया था या उसके पीछे किसी व्यक्ति, संगठन अथवा विचारधारा का प्रभाव था। साथ ही यह सवाल भी जांच का हिस्सा है कि ओमान एयर में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद वह दूसरी विमानन कंपनी में पायलट की नौकरी हासिल करने में कैसे सफल हुआ।
आतंकवादी संबंधों की भी जांच
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू की है। जांच एजेंसियां हमाम के पुराने रिकॉर्ड, सामाजिक माध्यम गतिविधियों, विमानन करियर और घटना से पहले की गतिविधियों की जांच कर रही हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि हमला किसी आतंकवादी संगठन से जुड़ा था या किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं लिया गया कदम था। इजरायली और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारी भी मामले से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमाम के कथित कट्टरपंथी विचारों का उल्लेख किया है, लेकिन अंतिम उद्देश्य और किसी संभावित संगठनात्मक संबंध को लेकर जांच पूरी होने तक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
जांच से सामने आएगा असली मकसद
हमाम अल-हमामी से जुड़े पुराने सामाजिक माध्यम पोस्ट, ओमान एयर में उसकी पिछली भूमिका और फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई हिंसक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह अचानक हुआ हमला था या इसके पीछे पहले से कोई योजना तैयार की गई थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी दोनों पहलुओं की जांच की जरूरत दिखाती है।जांच एजेंसियां अब उसके पुराने संपर्कों, सामाजिक माध्यम गतिविधियों, विमानन रिकॉर्ड और घटना के दौरान उसके व्यवहार को जोड़कर पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही हैं। जब तक जांच से ठोस प्रमाण सामने नहीं आते, तब तक किसी संभावित आतंकवादी संगठन की प्रत्यक्ष भूमिका या पहले से बनाई गई साजिश को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता।
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