हत्या में नामजद पूर्व जिपं सदस्य की मां की मौत:परिवार ने लखनऊ में पोस्टमार्टम कराने की मांग की, स्थानीय पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
बांदा के नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या के मामले में नामजद पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू की मां कुसुमा देवी की मौत के बाद पोस्टमार्टम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परिवार ने उनकी मौत पर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस अधिकारियों से पोस्टमार्टम लखनऊ में कराने की मांग की है। कुसुमा देवी पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा की पत्नी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुकी थीं। महेंद्र पाल वर्मा नंदवारा निवासी भइयाराम के दो बेटों मनोज (6) और युवराज (4) की हत्या के मामले में नामजद नौ आरोपियों में शामिल है। बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की बात सामने आई थी। पिता की तहरीर पर महेंद्र पाल समेत नौ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं महेंद्र पाल वर्मा और एक अन्य आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है। इसी बीच शनिवार रात कुसुमा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें बांदा शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि बेटे का नाम हत्या के मुकदमे में आने और कथित दबाव के चलते वह सदमे में थीं। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पौत्र ने एसपी, डीआईजी और आयुक्त को दिया प्रार्थनापत्र कुसुमा देवी के पौत्र देवेंद्र पाल वर्मा ने पुलिस अधीक्षक, डीआईजी और आयुक्त को प्रार्थनापत्र देकर पोस्टमार्टम लखनऊ में कराने की मांग की है। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि उन्होंने 5 अक्टूबर को नरैनी थाने में दादी की मौत को लेकर लिखित तहरीर दी थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। परिवार का कहना है कि उनके रिश्तेदार और मकान लखनऊ में हैं। ऐसे में कुसुमा देवी का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार लखनऊ में कराया जाए। बांदा में निष्पक्ष पोस्टमार्टम न होने की आशंका जताई परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस उनकी इच्छा के विपरीत बांदा में पोस्टमार्टम कराने का दबाव बना रही है। प्रार्थनापत्र में यह भी आशंका जताई गई है कि बांदा में निष्पक्ष पोस्टमार्टम नहीं होगा। परिवार अधिकारियों से शव को लखनऊ भेजकर वहीं पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहा है। मर्चरी के बाहर तैनात रहीं तीन थानों की पुलिस टीमें पुलिस ने सोमवार देर रात कुसुमा देवी का शव बांदा की मर्चरी में रखवा दिया था। इसके बाद नरैनी, कालिंजर और नगर पुलिस की टीमें मर्चरी ऑफिस के बाहर तैनात रहीं। मंगलवार शाम करीब 5 बजे तक पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे। हालांकि शाम तक पोस्टमार्टम के लिए टीम नहीं पहुंची थी और शव का पंचनामा भी नहीं भरा गया था। इसके चलते पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। कुसुमा देवी की मौत की वजह और परिवार की ओर से लगाए गए हत्या के आरोपों की वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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