इजराइली PM बोले- भारतीय पायलट की बहादुरी को सलाम:वह असली हीरो, 174 लोगों की जान बचाई; चाकू हमले के बावजूद विमान क्रैश रोका

Oct 01, 2026 - 05:10
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इजराइली PM बोले- भारतीय पायलट की बहादुरी को सलाम:वह असली हीरो, 174 लोगों की जान बचाई; चाकू हमले के बावजूद विमान क्रैश रोका
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विमान क्रैश रोकने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है। नेतन्याहू ने X पर पोस्ट में लिखा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का सामना किया। वह सच्चे हीरो हैं। इजरायली PM ने कहा- कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू कर लिया। कैप्टन की वजह से 174 लोगों की जान बची। इनमें इजरायली नागरिकों के साथ दूसरे देशों के लोग भी शामिल थे। दरअसल, बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान भारतीय पायलट स्मित पर उनके को-पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। फिर विमान का कंट्रोल हाथ में लेकर इसे क्रैश कराने की कोशिश की। लेकिन, पायलट स्मित ने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए साजिश को नाकाम कर दिया। ट्रम्प बोले- प्लंबर ने भी बचाई लोगों की जान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ की। उन्होंने कहा- घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और मदद के लिए आवाज लगाई। इके बाद एक यात्री भी कॉकपिट में पहुंचा। ट्रम्प के मुताबिक, वह पेशे से प्लंबर था और उसने कभी विमान नहीं उड़ाया था। यात्री ने को-पायलट को सीट से खींचकर पीछे किया। इसके बाद दूसरे यात्रियों ने मिलकर उसे काबू किया। ट्रम्प ने बताया कि इस यात्री ने टीवी शो ‘एयर डिजास्टर्स’ देखकर विमान उड़ाने की कुछ बातें सीखी थीं। हालांकि, ट्रम्प ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नेतन्याहू और कुछ अन्य सूत्रों से मिली है। उन्होंने कहा कि वह इन बातों की खुद पुष्टि नहीं कर सकते। चाकूबाजी से पहले दोनों पायलटों में हाथापाई हुई थी फ्लाईदुबई की फ्लाइट में यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। ज्यादातर इजराइली पैसेंजर्स थे। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले से पहले दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी। इसके बाद को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से अचानक 17 हजार फीट नीचे आ गया। एक यात्री और क्रू मेंबर किसी तरह कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब हुए। इसके बाद दूसरे क्रू मेंबर भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान की सुरक्षित सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि यात्री और क्रू मेंबर फ्लायदुबई के कॉकपिट में कैसे घुसे, क्योंकि कॉकपिट के दरवाजे जबरन खोलने की कोशिशों को रोकने के लिए मजबूत बनाए जाते हैं। आमतौर पर उड़ान के दौरान कॉकपिट का दरवाजा सुरक्षा कारणों से लॉक रहता है। 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद यह विमान सुरक्षा का नियम बन गया। दोनों पायलट घायल, कैप्टन स्मित की हालत स्थिर एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पायलट घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कैप्टन स्मित की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में विमान तेजी से हिलता दिखा। वहीं दूसरे वीडियो में हमलावर पर काबू पाने के बाद विमान में बैठे पैसेंजर्स ताली बजाकर खुशी मनाते दिखे। इजराइली अधिकारियों ने बताया कि जिस साथी पायलट ने स्मित पर हमला किया, वह ओमान का नागरिक था। इजराइल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पायलट की हिम्मत ने बड़ी घटना टाल दी। वरना 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी। इजराइली डेंटिस्ट ने कैप्टन स्मित की मदद की विमान में सवार यात्रियों को कुछ देर के लिए लगा कि वे जिंदा नहीं बचेंगे। एक यात्री ने AFP को बताया कि, “सभी को लगा कि अब हम मरने वाले हैं।” विमान में मौजूद कुछ लोगों ने भी सूझबूझ दिखाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। विमान में सिविल ड्रेस में 2 रिलीफ पायलट मौजूद थे जिन्होंने बाद में प्लेन को संभाला। जबकि यात्रियों ने हमलावर को कॉकपिट से दूर करने में मदद की। वहीं कैप्टन स्मित की मदद विमान में मौजूद एक डेंटिस्ट ने की। उन्होंने घायल पायलट का विमान में ही इलाज किया और उनकी जान बचाई। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। इसके अलावा वे पायलटों की ट्रेनिंग, उनकी जांच और उन्हें काम के दौरान गाइड करने का काम भी करते थे। पॉडकास्ट बताया- पढ़ाई के दौरान पायलट बनने का ख्याल आया पिछले साल अक्टूबर में कैप्टन स्मित ने CS जलक मेहता नाम के यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट किया था। इस दौरान उन्होंने कहा, स्कूलिंग के बाद फैमिली बिजनेस संभालने के लिए मैंने मैनेजमेंट की पढ़ाई की। लेकिन इसी दौरान मैं एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में गया, वहीं मैंने पहली बार पायलट बनने का सोचा। आगे उन्होंने बताया, ‘मेरी पहली कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली के लिए थी।’ 10 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… इजराइल जा रही फ्लाइट क्रैश कराने की कोशिश: पायलट को चाकू मारा, 17 हजार फीट नीचे आया विमान; फाइटर जेट की निगरानी में इमरजेंसी लैंडिंग दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई। पूरी खबर पढ़ें…

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