कानपुर में भगत सिंह जयंती पर संगोष्ठी:वक्ता बोले- क्रांतिकारियों का त्याग युवाओं का प्रेरणास्रोत, देशहित में समर्पण भावना जरूरी
कानपुर में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को भारत सेवक समाज, कानपुर मंडल के तत्वावधान में ‘क्रांतिकारियों में कानपुर की भूमिका एवं भगत सिंह का योगदान’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन मलिक गेस्ट हाउस में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में भगत सिंह समेत अनेक क्रांतिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने भगत सिंह के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने विशेष रूप से कानपुर से भगत सिंह के जुड़ाव का उल्लेख किया। बताया गया कि गणेश शंकर विद्यार्थी के संरक्षण में उन्होंने कानपुर के प्रताप प्रेस में ‘बलवंत सिंह’ के छद्म नाम से लेखन कार्य किया था। संगोष्ठी में भगत सिंह के क्रांतिकारी जीवन, लाला लाजपत राय की मृत्यु के बाद की घटनाओं तथा केंद्रीय विधानसभा में बम विस्फोट के दौरान उनके साहस और विचारों की चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह ने अपने विचारों और लेखन के माध्यम से स्वतंत्रता, राष्ट्रवाद और सामाजिक चेतना को नई दिशा दी। कवयित्री सीमा अग्रवाल ‘जागृति’ ने अपनी रचना के माध्यम से भगत सिंह और अन्य शहीदों के बलिदान को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुखबीर सिंह मलिक ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल, विशिष्ट अतिथि पूर्व संयुक्त आयकर आयुक्त राघवेन्द्र सिंह और मुख्य वक्ता वरिष्ठ बैंक नेता रजनीश गुप्ता रहे। सिविल डिफेंस चीफ वार्डेन राजीव सिंह समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन महामंत्री एवं पूर्व आयकर अधिकारी शरद प्रकाश अग्रवाल ने किया। आयोजन में प्रदीप भाटिया, अरविंद दीक्षित, प्रवीण वर्मा, शिव शंकर, महेंद्र तिवारी, दिलीप मिश्रा समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
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