लिसाड़ी गेट थाने के वसूली कांड की जांच तेज:मेरठ में दो दरोगा-एक हेड कांस्टेबल सस्पेंड, थाने के बाहर दुकानों और साइबर कैफे की पड़ताल
मेरठ में लिसाड़ी गेट थाने से जुड़े वसूली कांड में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ने लगा है। दो दरोगाओं और एक हैड कांस्टेबल के सस्पेंशन के बाद अब थाने के भीतर की गतिविधियों के साथ थाने के बाहर दुकानों और साइबर कैफे पर भी पुलिस की नजर है। शनिवार को एसपी सिटी थाने पहुंचे और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जो थाने आने वाले फरियादियों की एप्लीकेशन लिखने से लेकर अन्य काम कराने तक में सक्रिय रहते हैं। थाने के बाहर सक्रिय लोगों की भी जांच पीड़ित द्वारा डीआईजी कलानिधि नैथानी से अबैध वसूली की शिकायत के बाद मुजफ्फरनगर में तैनात दरोगा आसिफ अली, और लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित सागर सहित हेड कांस्टेबल नीरज को सस्पेंड कर दिया गया है। अवैध वसूली प्रकरण की जांच एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को सौंपी गई है। एसपी सिटी शनिवार को लिसाड़ी गेट थाने पहुंचे जहां उन्होंने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और थाना पुलिस को शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। एसपी सिटी वसूली प्रकरण में भी अब जांच के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, पुलिस की पड़ताल में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। थाने के आसपास कई दुकानों पर एप्लीकेशन लिखी जाती हैं। यहां अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोग तहरीर लिखवाने और अन्य कामों के लिए दुकानदारों की मदद लेते हैं। अब पुलिस इन दुकानों पर भी नजर रख रही है। शिकायतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं फरियादियों से काम कराने के नाम पर रकम तो नहीं ली जा रही थी। संबंधित दुकानदारों से पूछताछ भी की जा सकती है। कैफे संचालक की हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस थाने के सामने चल रहे शादाब राव के साइबर कैफे पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों से जुड़े तथ्यों और संचालक की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।
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