लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए काउंसिलिंग प्रोग्राम शुरू:मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास के लिए कैलाश छात्रावास से हुई शुरुआत
लखनऊ विश्वविद्यालय में महिला छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास को लेकर काउंसिलिंग प्रोग्राम शुरू किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जयप्रकाश सैनी के निर्देशन में इसकी शुरुआत कैलाश छात्रावास से हुई। यह कार्यक्रम अधिष्ठाता छात्र कल्याण और मनोविज्ञान विभाग के सहयोग से किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई के साथ तनाव, भावनात्मक चुनौतियों और व्यक्तिगत समस्याओं से बेहतर तरीके से निपटने के लिए जरूरी मार्गदर्शन देना है। छात्राओं की समस्याओं को समझना जरूरी अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अमिता कन्नौजिया ने कहा कि छात्राओं के बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ उनका मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य भी जरूरी है। काउंसिलिंग के जरिए छात्राओं को अपनी समस्याओं को समझने और उनके समाधान का रास्ता तलाशने में मदद मिलेगी। चीफ प्रोवोस्ट आशीष अवस्थी ने कहा कि छात्रावास छात्राओं के लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को तनावमुक्त वातावरण देने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करेंगे। सकारात्मक सोच पर होगी चर्चा हैप्पी थिंकिंग लैब की निदेशक प्रो. अर्चना शुक्ला ने भी कार्यक्रम में अपनी भूमिका निभाई। काउंसिलिंग के दौरान छात्राओं को सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और चुनौतियों का सामना करने के तरीकों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ वूमेन एंड जेंडर स्टडीज एवं निदेशक काउंसिलिंग एंड गाइडिंग सेल डॉ. मानिनी श्रीवास्तव, कैलाश हॉल की प्रोवोस्ट प्रो. बबिता जायसवाल, प्रो. रिद्धिमा शुक्ला, डॉ. मेघा सिंह, डॉ. परिधि किशोर और डॉ. प्रियंका पांडेय मौजूद रहीं। डॉ. रिचा पांडेय समेत अन्य शिक्षक और विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, महिला छात्रावासों में छात्राओं की जरूरत के अनुसार काउंसिलिंग कार्यक्रम को आगे भी जारी रखा जाएगा।
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