लखनऊ को मिली नौसेना की बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री योगी ने दिया बड़ा संदेश...
लखनऊ में नौसेना संग्रहालय और नौसेना वाटिका का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं में देशसेवा की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह परिसर भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास और वीर जवानों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 30 मई 2026
लखनऊ को मिला नौसेना गौरव का नया केंद्र
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को नौसेना संग्रहालय और नौसेना वाटिका का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि देश के सैन्य गौरव और वीर जवानों के बलिदान को सम्मान देने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को भारतीय नौसेना की गौरवशाली परंपराओं और देश की समुद्री सुरक्षा से परिचित कराने का कार्य करेगा।
लंबे समय से था इस परियोजना का सपना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की सोच थी कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में ऐसा केंद्र विकसित किया जाए, जहां लोग भारतीय नौसेना के इतिहास, शौर्य और उपलब्धियों को करीब से जान सकें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए नौसेना वाटिका और नौसेना संग्रहालय की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को साकार करने में नौसेना के अधिकारियों और विभिन्न विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अब यह स्थान देशभक्ति और सैन्य प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
युवाओं को मिलेगी देश सेवा की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास और सैनिकों के बलिदान के बारे में जानकारी देना बेहद जरूरी है। नौसेना संग्रहालय में प्रदर्शित सामग्री युवाओं को भारतीय नौसेना की उपलब्धियों, युद्ध कौशल और राष्ट्र रक्षा में उसकी भूमिका से परिचित कराएगी। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने सैनिकों के संघर्ष और त्याग को जानेंगे तो उनमें भी देश सेवा की भावना मजबूत होगी। यह स्थान विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए भी ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगा।
राष्ट्रविरोधी ताकतों पर मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो शक्तियां राष्ट्र, समाज और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और इसके साथ किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के प्रति सख्ती बरतना ही राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
भारतीय नौसेना की उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नौसेना ने देश की सुरक्षा में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समुद्री सीमाओं की रक्षा से लेकर आपदा राहत कार्यों तक नौसेना ने अनेक अवसरों पर अपनी क्षमता और समर्पण का परिचय दिया है। नौसेना संग्रहालय में इन उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है ताकि आम नागरिक भी देश की समुद्री शक्ति और सैन्य क्षमता को समझ सकें। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय नौसेना के शौर्य और पराक्रम को सम्मान देने का सशक्त माध्यम बनेगा।
पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौसेना संग्रहालय और नौसेना वाटिका केवल सैन्य महत्व की परियोजना नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के पर्यटन विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटक यहां पहुंचकर भारतीय नौसेना के इतिहास और उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे लखनऊ की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परिसर जल्द ही राजधानी के प्रमुख आकर्षण स्थलों में शामिल होगा।
प्रदेश में विकसित हो रहे हैं राष्ट्रीय गौरव से जुड़े केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ऐसे केंद्र विकसित कर रही है जो देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न स्मारकों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विकास के साथ-साथ नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना को भी मजबूत करना है।
बड़ी संख्या में पहुंचे गणमान्य अतिथि और नागरिक
उद्घाटन समारोह में अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सैन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने नौसेना संग्रहालय और नौसेना वाटिका का भ्रमण किया तथा वहां प्रदर्शित विभिन्न सामग्रियों का अवलोकन किया। समारोह में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम का माहौल राष्ट्र गौरव और उत्साह से भरपूर दिखाई दिया।
राष्ट्रभक्ति का नया प्रतीक बनेगा यह परिसर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि नौसेना संग्रहालय और नौसेना वाटिका आने वाले समय में राष्ट्रभक्ति, प्रेरणा और जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनेंगे। यहां आने वाले लोग देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले वीर जवानों के संघर्ष और बलिदान को समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह परिसर केवल एक दर्शनीय स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और सम्मान की भावना जगाने वाला प्रेरणास्रोत बनेगा।