70 लाख की हेरोइन संग 8 महिलाएं गिरफ्तार
मिजोरम के चम्फाई जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग कार्रवाई में 352 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में आठ महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नशीले पदार्थों से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
दि राइजिंग न्यूज़। चम्फाई। 05 जून 2026
अलग-अलग कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
मिजोरम के पूर्वी हिस्से में स्थित चम्फाई जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अलग-अलग अभियानों के दौरान कुल 352 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। बरामद हेरोइन की बाजार कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है।
नियमित जांच के दौरान हुआ खुलासा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश बरामदगी चम्फाई के बाहरी क्षेत्र में स्थित जांच चौकी पर नियमित वाहन जांच के दौरान हुई। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तलाशी ली गई, जिसके बाद नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके बाद संबंधित महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
सबसे बड़ी बरामदगी एक युवती से
पुलिस के अनुसार सबसे बड़ी बरामदगी 19 वर्षीय एक युवती से हुई, जिसके पास से लगभग 180 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके अलावा अन्य अभियानों में भी कई महिलाओं के कब्जे से हेरोइन बरामद हुई। सभी मामलों को जोड़ने के बाद कुल बरामदगी 352 ग्राम तक पहुंची।
सीमावर्ती इलाका बना चुनौती
चम्फाई जिला म्यांमार सीमा के निकट स्थित है और लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार इस क्षेत्र में निगरानी बढ़ा रही हैं और तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान चला रही हैं।
सभी आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने गिरफ्तार की गई सभी महिलाओं के खिलाफ नशीले पदार्थों से संबंधित कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बरामद हेरोइन को जब्त कर लिया गया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तस्करी का यह नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है तथा इसका संचालन कहां से किया जा रहा था।
नशे के कारोबार पर सख्ती जारी
मिजोरम में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। राज्य सरकार, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रही हैं ताकि युवाओं को नशे के जाल से बचाया जा सके और तस्करी के नेटवर्क को खत्म किया जा सके।