एनडीए की अहम बैठक में नीतीश कुमार पर मुहर

दि राइजिंग न्यूज। पटना में शनिवार को एनडीए की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, लोजपा और हम पार्टी के शीर्ष नेताओं ने शिरकत की। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर एनडीए का निर्विवाद नेता घोषित किया गया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार ही गठबंधन के नेता हैं और भविष्य में भी रहेंगे।

एनडीए की अहम बैठक में नीतीश कुमार पर मुहर

सम्राट चौधरी बोले - 2030 तक विकसित बिहार का सपना सिर्फ एनडीए ही पूरा करेगा

दि राइजिंग न्यूज। पटना में शनिवार को एनडीए की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें बीजेपी, जेडीयू, लोजपा और हम पार्टी के शीर्ष नेताओं ने शिरकत की। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर एनडीए का निर्विवाद नेता घोषित किया गया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार ही गठबंधन के नेता हैं और भविष्य में भी रहेंगे।

 

बीजेपी के पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री ललन सिंह, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, सहित चारों घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष और मिथिलांचल क्षेत्र के सांसद एवं विधायक शामिल हुए।

 

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित बिहार दौरे की तैयारियों की समीक्षा करना था। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि पीएम के कार्यक्रम को सफल बनाने की जिम्मेदारी सभी सांसदों और विधायकों को दी गई है।

 

बैठक के बाद सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए आरजेडी शासन की विफलताओं को उजागर किया। उन्होंने तेजस्वी यादव को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि "आरजेडी के शासनकाल में बिहार में न मेडिकल कॉलेज थे, न अच्छे स्कूल और न ही विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी। आज एनडीए सरकार के प्रयासों से राज्य में 33 मेडिकल कॉलेजों पर काम चल रहा है।"

 

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का बिहार, खासकर मिथिला क्षेत्र पर विशेष फोकस है। राज्य में PSU के माध्यम से लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश आने वाला है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बीते पांच वर्षों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में 50 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार मिला है।

 

अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए का लक्ष्य 2030 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर बिहार का निर्माण करना है – और यह सपना केवल एनडीए ही साकार कर सकता है।