पीएम किसान निधि घोटाले में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 3 गिरफ्तार:60 करोड़ से ज्यादा का गबन, 3.18 लाख अपात्र किसानों की फीडिंग; आईफोन, लैपटॉप बरामद
प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में घोटाले के मामले में साइबर थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कुंडा तहसील में तैनात संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल है। आरोप है कि उसने तहसीलदार की सरकारी पोर्टल आईडी और पासवर्ड हासिल कर जनसेवा केंद्र संचालकों को दे दिए। इसके बाद पोर्टल पर अपात्र लोगों के नाम दर्ज कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। मामले का खुलासा पुलिस लाइन परिसर में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने दोपहर करीब 3:30 बजे किया। 3.18 लाख अपात्र लाभार्थियों की फीडिंग का आरोप पुलिस के अनुसार, मामले में 60 करोड़ रुपए से अधिक की सरकारी धनराशि के कथित घोटाले की बात सामने आई है। करीब 3.18 लाख अपात्र लोगों के नाम योजना में दर्ज किए जाने का आरोप है। जांच में ऐसे लोगों के नाम भी दर्ज किए जाने की बात सामने आई, जिनके पास खेती की जमीन नहीं थी। तहसीलदार की आईडी-पासवर्ड जनसेवा केंद्र संचालकों को दिए पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शिव कुमार यादव निवासी संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र, अनुराग गुप्ता और जितेंद्र कुमार निवासी कुंडा शामिल हैं। अनुराग गुप्ता कुंडा तहसील में संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात था। आरोप है कि अनुराग ने तहसीलदार की सरकारी पोर्टल आईडी और पासवर्ड हासिल कर जनसेवा केंद्र संचालकों को उपलब्ध कराए। इसके बाद पोर्टल पर सीधे लॉगिन कर बड़ी संख्या में कथित अपात्र लाभार्थियों की एंट्री की गई। दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों के नाम भी दर्ज करने का आरोप जांच में कुंडा तहसील के नाम पर सबसे ज्यादा कथित फर्जीवाड़ा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों के नाम भी किसान सम्मान निधि योजना में दर्ज किए गए। इस काम के बदले मोटी रकम वसूले जाने की आशंका भी जताई गई है। मोबाइल, लैपटॉप और बायोमेट्रिक डिवाइस बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक आईफोन, पांच अन्य मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, सात सिम कार्ड और एक बायोमेट्रिक डिवाइस बरामद की है। 26 अगस्त को सामने आया था मामला पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा 26 अगस्त को होने के बाद शासन के निर्देश पर उप कृषि निदेशक अश्वनी सिंह की शिकायत पर साइबर थाने में गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के बाद पुलिस ने कुंडा क्षेत्र से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस फर्जी लाभार्थियों, मामले से जुड़े अन्य लोगों और सरकारी धनराशि के लेन-देन की जांच कर रही है।
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