BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू:छात्रों ने की नारेबाजी,बोले-सिर्फ रील पर नहीं, अब जमीन पर भी दिखेगी युवाओं की भागीदारी

Oct 27, 2026 - 16:33
0
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू:छात्रों ने की नारेबाजी,बोले-सिर्फ रील पर नहीं, अब जमीन पर भी दिखेगी युवाओं की भागीदारी
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। छात्र छात्रसंघ भवन परिसर स्थित डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 से छात्रसंघ बंद है। इसके कारण विद्यार्थियों के पास अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से रखने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं। धरने पर बैठे छात्र शिवांश सिंह और सामाजिक विज्ञान संकाय के छात्र सत्यम सिंह ने कहा कि छात्रसंघ की बहाली के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही ज्ञापन देकर 27 अक्टूबर तक सकारात्मक जवाब देने या चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग की गई थी। हालांकि, उनके मुताबिक निर्धारित समय तक प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद छात्रों को अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना पड़ा। मेस, पानी और छात्रावास की समस्याएं उठाईं छात्रों ने कहा कि छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आती रहती हैं। उनका आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद विद्यार्थियों की समस्याओं का उचित समाधान नहीं हो पाता। छात्राओं के लिए रात 10 बजे के बाद छात्रावास से बाहर निकलने पर लागू पाबंदियों का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। सत्यम सिंह ने कहा कि छात्रसंघ विद्यार्थियों को एक निर्वाचित प्रतिनिधित्व देता है। इसके माध्यम से छात्र अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं और जवाबदेही की मांग कर सकते हैं। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ की बहाली के लिए हुए आंदोलनों का हवाला देते हुए बीएचयू में भी चुनाव कराने की मांग की। मारपीट के डर से चुनाव बंद रखना उचित नहीं छात्रसंघ चुनाव के दौरान मारपीट और विवाद की आशंका को लेकर पूछे गए सवाल पर शिव सिंह ने कहा कि किसी भी चुनाव में अराजक तत्वों की मौजूदगी की आशंका हो सकती है। ऐसे मामलों में चुनाव बंद करने के बजाय संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भूख हड़ताल और मार्च की चेतावनी छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कदम उठाने की भी चेतावनी दी गई। छात्रों ने बताया कि वे छात्रावासों में जाकर अन्य विद्यार्थियों से संपर्क करेंगे और छात्रसंघ बहाली के समर्थन में उन्हें आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विभिन्न छात्र संगठनों से भी समर्थन की अपील की है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User