प्रयागराज में नागरिक समाज का विरोध प्रदर्शन:मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग
प्रयागराज के धरना स्थल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर नागरिक समाज धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से जुड़े पोस्टर लगाकर विरोध किया। नागरिक समाज का कहना है कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया लोकतंत्र और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। नागरिक समाज कार्यकर्ता पद्मा सिंह ने कहा कि सबसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तय किया जाना चाहिए। यह लोकतंत्र और नैतिकता के लिए बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने 2023 में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को दी गई कानूनी सुरक्षा की समीक्षा करने की भी मांग की। 2 तस्वीरें देखिए… चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया बदलने की मांग उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। चुनाव आयोग को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए उन्होंने मांग की कि आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश की उपस्थिति और भूमिका को फिर से मजबूत किया जाए। पद्मा सिंह ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया को वर्ष 2003 से जोड़ना और फॉर्म-6 में किए गए बदलाव चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों की व्यापक जांच कराने की मांग की। हालांकि, चुनाव आयोग ने एसआईआर से जुड़े फैसलों को तीन सदस्यीय आयोग की सहमति से लिया गया बताया है। आयोग ने प्रक्रिया के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों के माध्यम से दस्तावेज जुटाने और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था में बदलाव की जानकारी दी है। मोदी-शाह के इस्तीफे की भी मांग नागरिक समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने कथित तौर पर इस पूरे मामले का मुख्य जिम्मेदार बताया और कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष तथा नागरिक संगठनों की आपत्तियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस्तीफे की मांग तेज हुई है। वहीं, सरकार समर्थक नेताओं ने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा है कि पारदर्शी मतदाता सूची का विरोध लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विरोध है। नागरिक समाज की मांग 1. ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें या उन्हें महाभियोग के ज़रिये पद से हटाया जाये; उन्हें उनके अपराधों के लिए गिरफ़्तार किया जाये और उन पर मुकदमा चलाया जाये ! 2. SIR को निरस्त किया जाए; पुरानी मतदाता सूचियां बहाल की जाये और SIR से प्रभावित सभी राज्यों में पुनः चुनाव कराये जाये ! 3. EVM पर प्रतिबंध लगाकर चुनाव EVM के बजाय मतपत्रों के ज़रिये कराये जाये। 4. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से सम्बन्धित 2023 के क़ानून को रद्द किया जाये! सरकार द्वारा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति बन्द की जाये! 5. पुराने फाॅर्म-6 के जरिये नए मतदाताओं के पंजीकरण की व्यवस्था पुनः बहाल की जाये !
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