शिक्षा निदेशालय पर छात्रों का धरना:मांगो को लेकर रातभर गेट पर डटे रहे, एक अवसर देने की मांग जारी
टीजीटी (TGT) परीक्षा में पुरानी नियमावली के तहत प्रभावित अभ्यर्थियों को एक अवसर दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार दोपहर 12 बजे से प्रतियोगी छात्र शिक्षा निदेशालय के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। रात होने के बाद भी छात्र निदेशालय गेट पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। छात्रों ने स्पष्ट कहा है कि टीजीटी परीक्षा में उन्हें एक अवसर नहीं दिया जाता, तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। मांगों को लेकर लगातार आंदोलन प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली बहाल की जाए और जारी विज्ञापन में संशोधन कर प्रभावित अभ्यर्थियों को एक अवसर दिया जाए। उनका आरोप है कि पहले भी लंबा धरना और 19 दिन का आमरण अनशन किया गया, लेकिन आश्वासन के बावजूद अब तक लिखित आदेश या पत्रावली जारी नहीं हुई है। धरना स्थल पर छात्रों ने कहा कि वर्षों से तैयारी कर रहे योग्य अभ्यर्थी नई नियमावली और बदले पात्रता मानदंडों के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की स्थिति में आ गए हैं। उन्होंने मांग की कि शासन स्तर से तत्काल स्पष्ट और लिखित निर्णय जारी किया जाए, ताकि अनिश्चितता समाप्त हो। निदेशालय गेट पर रातभर डटे रहे छात्र सोमवार दोपहर से शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। छात्र निदेशालय गेट के सामने बैठे रहे और “पुरानी नियमावली बहाल करो” तथा “एक अवसर दो” जैसे नारे लगाते रहे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन निर्णय न मिलने तक धरना जारी रहेगा। छात्र नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि शासन और शिक्षा निदेशालय की ओर से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा निदेशालय और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। छात्रों की प्रमुख मांगें
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