श्रावस्ती में बारिश के बीच निकले ग्यारहवीं शरीफ के जुलूस:लोग छतरियां लेकर हुए शामिल, धार्मिक नारों से गूंजे रास्ते; गुम्बदे खजरा बना आकर्षण
श्रावस्ती में शुक्रवार रात बारिश के बावजूद ग्यारहवीं शरीफ के जुलूसों में लोगों की आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ। जिले के कई कस्बों में देर रात तक जुलूस निकाले गए। बड़ी संख्या में लोग छतरियां लेकर जुलूस में शामिल हुए। उन्होंने तय रास्तों से गुजरते हुए धार्मिक नारे लगाए और अपनी श्रद्धा जताई। बृहस्पतिवार रात्रि 12:00 बजे के बाद सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से पूरे हुए। नासिरगंज समेत जिले के कई इलाकों में निकले जुलूसों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। कई जगहों पर जुलूस के रास्तों को खूब सजाया गया था। बारिश ने रोशनी और सजावट की चमक को थोड़ा कम जरूर किया, लेकिन लोगों का जोश बना रहा। नासिरगंज में खास तौर पर सजाया गया गुम्बदे खजरा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। जुलूस गुजरते समय रास्तों पर बड़ी संख्या मे लोग दिखे। इस्लामी परंपरा के मुताबिक, ग्यारहवीं शरीफ हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी की याद और उनके प्रति श्रद्धा जताने का मौका होता है। इस अवसर पर लोगों ने दुआ, इबादत और धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कई जगहों पर लंगर और खाना बांटने जैसे कार्यक्रम भी हुए। इन आयोजनों से धार्मिक आस्था के साथ भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया। बारिश के बीच पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूसों के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जुलूस के रास्तों पर पुलिस बल तैनात था। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील जगहों और जुलूस के मार्गों पर नजर रखी। आयोजकों के साथ भी तय रास्तों और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तालमेल किया गया। बारिश के बावजूद कई जगहों पर देर रात करीब 1:00 बजे तक जुलूसों में लोग मौजूद रहे। तय रास्तों से जुलूसों के गुजरने और शांतिपूर्ण तरीके से खत्म होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली। जिले में ग्यारहवीं शरीफ का यह पर्व धार्मिक श्रद्धा, आपसी सहयोग और शांतिपूर्ण माहौल में पूरा हुआ।
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