सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से राहत! जमानत पर नहीं लगाई रोक, कहा- 'अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो...
राजा रघुवंशी हत्याकांड में सर्वोच्च न्यायालय ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 3 जुलाई 2026
राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सर्वोच्च न्यायालय से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने उनकी जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई तय की गई है। हालांकि अदालत ने मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश पर कुछ सवाल भी उठाए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने तत्काल राहत देने से किया इनकार
राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए मेघालय उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी की जमानत को बरकरार रखा गया था। सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने फिलहाल जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि आरोपी पहले से जमानत पर बाहर है और उसे दोबारा जेल भेजने का निर्णय कानूनी सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा।
सरकार ने लगाए गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सोनम रघुवंशी पर अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि हत्या के बाद शव को गहरी खाई में फेंका गया और आरोपी बाद में फरार हो गई थी। इसके बाद उसे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपपत्र का हवाला देकर जताई आशंका
सरकार की ओर से आरोपपत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि निचली अदालत और विचारण न्यायालय दोनों ने आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाया था। जमानत की याचिका तीन बार खारिज की गई थी। साथ ही यह भी आशंका जताई गई थी कि आरोपी फरार हो सकती है, गवाहों को प्रभावित कर सकती है या साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकती है।
तकनीकी त्रुटि पर अदालत की टिप्पणी
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज में केवल एक कानूनी धारा का उल्लेख करने में तकनीकी त्रुटि हुई थी। उनका कहना था कि इतनी छोटी प्रक्रिया संबंधी गलती के आधार पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि तकनीकी त्रुटि अपने आप में इतना बड़ा आधार नहीं है कि तत्काल जमानत रद्द कर दी जाए।
उच्च न्यायालय के आदेश पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने मेघालय उच्च न्यायालय के आदेश पर कुछ आपत्तियां भी दर्ज कीं। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय के कुछ पहलुओं पर सर्वोच्च न्यायालय को विचार करना होगा। हालांकि इन टिप्पणियों के बावजूद अदालत ने फिलहाल जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
मेघालय उच्च न्यायालय ने क्यों बरकरार रखी थी जमानत
मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी थी। अदालत का कहना था कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गंभीर कानूनी कमियां थीं और आरोपी को गिरफ्तारी के कारण विधि के अनुसार नहीं बताए गए थे। न्यायालय ने इसे आरोपी के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन माना था।
अब 10 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 निर्धारित की है। इस दौरान मेघालय सरकार की याचिका पर विस्तार से सुनवाई होगी और यह तय किया जाएगा कि उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा जाए या उसमें हस्तक्षेप किया जाए। फिलहाल सोनम रघुवंशी जमानत की शर्तों के अनुसार शिलांग में ही रहेंगी।