पोस्ट ऑफिस की इस योजना में प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया निवेश, सिर्फ ब्याज से मिल सकती है लाखों की कमाई

डाकघर की राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र योजना सुरक्षित निवेश, 7.7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, आयकर में छूट और चक्रवृद्धि रिटर्न का लाभ देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस योजना में निवेश कर चुके हैं।

पोस्ट ऑफिस की इस योजना में प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया निवेश, सिर्फ ब्याज से मिल सकती है लाखों की कमाई

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 3 जुलाई 2026

अगर आप सुरक्षित और निश्चित रिटर्न देने वाली बचत योजना की तलाश में हैं, तो डाकघर की राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) योजना एक बेहतर विकल्प हो सकती है। इस योजना में सरकार की गारंटी के साथ आकर्षक ब्याज, आयकर में छूट और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस योजना में निवेश कर चुके हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता और विश्वसनीयता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


पोस्ट ऑफिस की इस योजना में प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया निवेश, सिर्फ ब्याज से हो सकती है लाखों की कमाई

देश में सुरक्षित निवेश की बात होती है तो डाकघर की बचत योजनाओं पर लोगों का भरोसा सबसे अधिक दिखाई देता है। इन्हीं योजनाओं में राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र यानी एनएससी लंबे समय से निवेशकों की पसंद बनी हुई है। यह योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है और इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।जो लोग बिना जोखिम के निश्चित रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए यह योजना काफी उपयोगी मानी जाती है। कम राशि से निवेश शुरू करने की सुविधा, निश्चित ब्याज दर और आयकर में मिलने वाली छूट इसे मध्यम वर्ग के निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनाती है। यही वजह है कि वर्षों से लाखों लोग इस योजना में निवेश कर रहे हैं।


क्या है राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र योजना

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र डाकघर की एक लघु बचत योजना है, जिसमें निवेशकों को सरकार की गारंटी के साथ निश्चित ब्याज मिलता है। इस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक अपना खाता खुलवा सकता है और भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए सुरक्षित बचत कर सकता है।इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न्यूनतम एक हजार रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है। वहीं अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं है। निवेशक अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार जितनी चाहे उतनी राशि जमा कर सकते हैं।


कितना मिलता है ब्याज और कितना होगा फायदा

वर्तमान में राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र योजना पर सालाना 7.7 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना में ब्याज हर वर्ष चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है, जिससे मूलधन के साथ-साथ ब्याज पर भी आगे ब्याज मिलता रहता है। यही कारण है कि लंबी अवधि में निवेशकों को अच्छा रिटर्न प्राप्त होता है।यदि कोई निवेशक इस योजना में पांच लाख रुपये का निवेश करता है और पूरी पांच वर्ष की अवधि तक पैसा जमा रहने देता है, तो परिपक्वता पर उसे लगभग 7,24,517 रुपये प्राप्त होंगे। यानी केवल ब्याज के रूप में करीब 2,24,517 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी।


पांच वर्ष का होता है निवेश अवधि का समय

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र योजना की अवधि पांच वर्ष निर्धारित है। सामान्य परिस्थितियों में निवेशक इस अवधि से पहले राशि नहीं निकाल सकता। इससे निवेश अनुशासित बना रहता है और बचत का उद्देश्य भी पूरा होता है।हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे न्यायालय के आदेश या निवेशक की मृत्यु की स्थिति में समय से पहले निकासी की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा निवेश की पूरी राशि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद ही मिलती है।


आयकर में भी मिलता है लाभ

इस योजना में निवेश करने वालों को पुरानी आयकर व्यवस्था के अंतर्गत आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक के निवेश पर कर छूट का लाभ मिलता है। इससे करदाताओं को बचत के साथ-साथ कर राहत भी प्राप्त होती है।योजना के पहले चार वर्षों तक मिलने वाला ब्याज दोबारा निवेश माना जाता है, इसलिए उस पर अलग से कर नहीं लगता। जबकि पांचवें वर्ष परिपक्वता के समय मिलने वाला अंतिम ब्याज कर योग्य माना जाता है और उस पर नियमानुसार कर लगाया जाता है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया है निवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र योजना में निवेश किया हुआ है। चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार उनके पास इस योजना में लाखों रुपये का निवेश मौजूद है। इससे यह योजना आम लोगों के बीच और अधिक चर्चा में आई है।वर्ष 2019 के चुनावी हलफनामे में प्रधानमंत्री का इस योजना में निवेश 7.61 लाख रुपये बताया गया था। बाद में उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह राशि बढ़कर लगभग 9.12 लाख रुपये हो गई है। इससे स्पष्ट होता है कि यह योजना लंबे समय तक सुरक्षित निवेश के रूप में पसंद की जाती है।


किन लोगों के लिए सबसे बेहतर है यह योजना

जो लोग जोखिम से बचते हुए निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र एक उपयुक्त विकल्प माना जाता है। विशेष रूप से नौकरीपेशा, छोटे कारोबारी, वरिष्ठ नागरिक और भविष्य के लिए नियमित बचत करने वाले लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।यदि आपका उद्देश्य पांच वर्षों के लिए सुरक्षित निवेश करना और साथ ही आयकर में राहत प्राप्त करना है, तो यह योजना आपके निवेश पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। हालांकि निवेश से पहले अपनी आर्थिक जरूरतों और वित्तीय योजना का आकलन करना जरूरी है।