टीएमसी में बड़ी बगावत, 58 विधायकों को मिली मान्यता
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर बड़ी टूट सामने आई है। विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट को मान्यता देते हुए उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया है। 58 विधायकों के समर्थन के दावे के साथ यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
दि राइजिंग न्यूज़। कोलकाता। 03 जून 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ बोस ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट को मान्यता दे दी है। इसके साथ ही ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा भी मिल गया है।
जानकारी के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायक विधानसभा अध्यक्ष से मिले थे और दावा किया था कि वही टीएमसी का वास्तविक गुट हैं। इस दौरान 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाला समर्थन पत्र भी अध्यक्ष को सौंपा गया। बागी गुट ने नई नेतृत्व टीम का प्रस्ताव रखते हुए ऋतब्रत बनर्जी को विधायक दल का नेता, जावेद खान, संदीपन साहा और शिउली साहा को उपनेता तथा अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनाने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
नेता प्रतिपक्ष बने ऋतब्रत बनर्जी
मान्यता मिलने के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने उनके गुट को विधायक दल का दर्जा देने की मांग स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि उनका गुट विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाएगा और सकारात्मक राजनीति करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी नेता अब भी ममता बनर्जी ही हैं और वे उनसे मार्गदर्शन की अपेक्षा रखते हैं।
ममता के धरने से दूर रहे बागी विधायक
राजनीतिक घटनाक्रम उस समय और चर्चा में आ गया जब विधानसभा में हुई बागी विधायकों की बैठक में शामिल कोई भी विधायक पूर्व मुख्यमंत्री एवं टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के धरने में दिखाई नहीं दिया। वहीं पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले कई वरिष्ठ नेता भी विधानसभा में हुई इस बैठक से दूरी बनाए रहे।
दलबदल कानून के तहत मजबूत स्थिति
दलबदल विरोधी कानून के अनुसार किसी अलग गुट को अयोग्यता से बचने के लिए विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है। विधानसभा में टीएमसी के 80 विधायक होने के कारण यह संख्या 54 बनती है। बागी गुट ने 58 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपकर इस कानूनी सीमा को पार करने का दावा किया है।
पहले ही निलंबित किए जा चुके थे नेता
लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में ममता बनर्जी ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को टीएमसी से निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही पार्टी में असंतोष और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। अब विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया समीकरण बनता दिखाई दे रहा है।