सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी से नई बहस
सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि दो अविवाहित वयस्कों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध किसी व्यक्ति के खराब चरित्र का प्रमाण नहीं हो सकते। अदालत ने तेलंगाना पुलिस कांस्टेबल भर्ती से जुड़े एक मामले में उम्मीदवार को राहत देते हुए कहा कि हर संबंध का विवाह में बदलना आवश्यक नहीं है और केवल विवाह न होने के आधार पर किसी व्यक्ति के चरित्र पर सवाल नहीं उठाए जा सकते।