यूपी में जीएसटी सुधारों पर योगी का फोकस, 21.82 लाख करदाताओं के साथ नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग को पारदर्शी और तकनीक आधारित कर व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश का सबसे बड़ा जीएसटी करदाता राज्य बन गया है। सरकार ने कर चोरी रोकने और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर दिया है।

यूपी में जीएसटी सुधारों पर योगी का फोकस, 21.82 लाख करदाताओं के साथ नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 25 मई 2026

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में कर व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक आधारित और व्यापारी हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साफ कहा कि ईमानदार व्यापारियों को सम्मान और सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता है, जबकि कर चोरी और फर्जी फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर प्रणाली को इतना सरल बनाया जाए कि व्यापारी बिना किसी परेशानी के सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में राज्य कर विभाग की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल राजस्व बढ़ाना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा भरोसेमंद प्रशासन विकसित किया जाए जिसमें व्यापारी खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें। मुख्यमंत्री ने विभाग को तकनीक और आंकड़ा विश्लेषण का अधिक इस्तेमाल करने के निर्देश दिए ताकि कर चोरी पर प्रभावी रोक लग सके और वैध कारोबार को बढ़ावा मिले।

 जीएसटी और वैट राजस्व में उत्तर प्रदेश ने दिखाई बड़ी ताकत

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने जीएसटी और वैट के माध्यम से कुल 1 लाख 15 हजार 977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। यह संशोधित अनुमान का लगभग 98.8 प्रतिशत है, जिसे सरकार बड़ी उपलब्धि मान रही है। जीएसटी संग्रह के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में लगातार तेजी आ रही है।बैठक में यह भी सामने आया कि जीएसटी बकाया वसूली में प्रदेश ने रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2025-26 में 2658 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक है। वहीं वैट बकाया के रूप में 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जिसमें 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से 2071 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो बीते वर्ष के मुकाबले 13 प्रतिशत अधिक है।

वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने रखा बड़ा लक्ष्य

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभाग को कुल 1 लाख 98 हजार 71 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है। इसमें जीएसटी से 1 लाख 49 हजार 956 करोड़ रुपये और वैट से 48 हजार 115 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि मजबूत तकनीकी निगरानी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए यह लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।अप्रैल 2026 के आंकड़ों ने भी सरकार का उत्साह बढ़ाया है। प्रदेश ने इस महीने 10 हजार 896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है। सरकार इसे प्रदेश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और बढ़ते कारोबार का संकेत मान रही है।

जोनवार समीक्षा में कई क्षेत्रों ने दर्ज की शानदार बढ़ोतरी

बैठक में जोनवार समीक्षा के दौरान कई क्षेत्रों के शानदार प्रदर्शन की जानकारी दी गई। गौतमबुद्ध नगर जोन ने अप्रैल 2026 में 1506 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की। वहीं सहारनपुर जोन में 35.1 प्रतिशत और वाराणसी प्रथम जोन में 33.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। मुरादाबाद जोन ने भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमजोर प्रदर्शन वाले जोनों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरें और व्यापारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर संग्रह बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझना बेहद जरूरी है।

फर्जी फर्मों और कर चोरी पर सरकार की सख्त कार्रवाई जारी

योगी सरकार ने फर्जी फर्मों और कर चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चला रखा है। बैठक में बताया गया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई और 168 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। 7 नवंबर 2025 को विशेष जांच दल का गठन भी किया गया था, जिसके बाद कार्रवाई में तेजी आई है।अधिकारियों ने बताया कि अब तक 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट राशि रोकी गई है, जबकि न्यायिक कार्रवाई के जरिए 2250 करोड़ रुपये की मांग तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कर चोरी करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी और ऐसे लोगों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 अपील और रिफंड प्रक्रिया को बनाया जा रहा तेज और पारदर्शी

बैठक में अपील निस्तारण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जीएसटी की 52 हजार 432 और वैट की 11 हजार 365 अपीलों का निस्तारण किया गया। वर्तमान में कुल 20 हजार 697 अपीलें लंबित हैं, जिनके जल्द निपटारे के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।रिफंड प्रक्रिया में भी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदेश में रिफंड निस्तारण की औसत अवधि 27 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन का है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि व्यापारी की कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो, इसके लिए रिफंड प्रक्रिया को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए।

21.82 लाख करदाताओं के साथ देश में सबसे आगे पहुंचा उत्तर प्रदेश

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि उत्तर प्रदेश अब 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश का सबसे बड़ा जीएसटी करदाता राज्य बन गया है। प्रदेश में जीएसटी पंजीकरण आवेदनों के निस्तारण की औसत अवधि केवल 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन का है। सरकार इसे प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी दक्षता का परिणाम मान रही है।रिटर्न दाखिले के मामले में भी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे निकल गया है। प्रदेश में 90 प्रतिशत से अधिक करदाता तय समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। मासिक रिटर्न दाखिला प्रतिशत 93 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 91 प्रतिशत है। बीते महीनों के 99 प्रतिशत से अधिक रिटर्न भी दाखिल किए जा चुके हैं।

 तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से मजबूत होगा कर प्रशासन

राज्य कर विभाग ने तकनीक आधारित निगरानी को और मजबूत करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों ने बताया कि 16 अलग-अलग मानकों के आधार पर 1.59 लाख वार्षिक रिटर्नों की जांच की जा रही है और गड़बड़ी मिलने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। एकीकृत नोटिस जारी करने के लिए नया मॉड्यूल भी विकसित किया गया है।वर्ष 2025-26 में 1.33 लाख कारोबारियों की जांच के दौरान 2369 करोड़ रुपये की मांग तैयार की गई, जबकि 345 करोड़ रुपये की वसूली भी हुई। प्रदेश के 22 कॉर्पोरेट सर्किलों में आभासी सुनवाई की सुविधा शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ा आधारित निगरानी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

 व्यापारियों से संवाद बढ़ाने पर सरकार का विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रमों को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न दाखिले और नए सुधारों की जानकारी दी गई। व्यापारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि वे तकनीकी प्रक्रियाओं को आसानी से समझ सकें।सरकार जून 2026 से खंड स्तर पर भी व्यापारी संवाद कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इसके अलावा विभिन्न व्यापारी संगठनों, उद्योग संगठनों और अधिवक्ता संघों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। सर्राफा कारोबारियों के साथ भी विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं ताकि बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।