उन्नाव में भीषण सड़क हादसा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पलटी डबल डेकर बस, 6 की मौत, 21 गंभीर घायल

उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह डबल डेकर बस पलटने से 6 लोगों की मौत हो गई और 21 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चालक को झपकी आने के कारण बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। मृतकों में एक उपनिरीक्षक और एक बंदी भी शामिल हैं।

उन्नाव में भीषण सड़क हादसा: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पलटी डबल डेकर बस, 6 की मौत, 21 गंभीर घायल

दि राइजिंग न्यूज  | उन्नाव ।  26 मई 2026

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार तड़के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। औरास थाना क्षेत्र के अंतर्गत किलोमीटर संख्या 262 के पास तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पलटी। हादसा इतना भयावह था कि बस के परखच्चे उड़ गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस चालक को झपकी आने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया। सुबह करीब चार बजे हुए इस हादसे के समय अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, जिसके कारण उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। अनियंत्रित बस पहले डिवाइडर से टकराई और फिर दूसरी लेन में पलट गई।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ राहत एवं बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एक्सप्रेसवे सुरक्षा कर्मी और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। दुर्घटनाग्रस्त बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए तत्काल बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को एम्बुलेंस की मदद से औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा अन्य नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 21 यात्रियों को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मृतकों में बिहार पुलिस के उपनिरीक्षक और बंदी भी शामिल

हादसे में बिहार पुलिस के उपनिरीक्षक राम जी राम और बंदी छत्रपाल सिंह तोमर की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बिहार के सिवान जिले की पुलिस टीम बंदी छत्रपाल सिंह तोमर को पेशी के लिए गुरुग्राम लेकर गई थी और सुनवाई के बाद वापस सिवान लौट रही थी। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। दुर्घटना में तीन अन्य पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

मृतकों की पहचान हुई, परिजनों में मचा कोहराम

हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद छह मृतकों की पहचान विजय गुप्ता, रवि वरन, सूरज जमालाल, पल्लव कुमार, राम जी राम और छत्रपाल सिंह तोमर के रूप में हुई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को सूचना दे दी गई है और उनके उन्नाव पहुंचने की व्यवस्था भी की जा रही है। अस्पताल और मोर्चरी परिसर में परिजनों की भीड़ जुटने लगी है, जहां हर कोई अपने प्रियजन की जानकारी लेने के लिए परेशान दिखाई दिया।

बस में सवार थे 30 से अधिक यात्री, अधिकांश बिहार के रहने वाले

जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुई डबल डेकर बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। इनमें अधिकांश यात्री बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो दिल्ली, गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों से अपने घर लौट रहे थे। हादसा इतना अचानक हुआ कि कई यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बस पलटने के बाद यात्रियों का सामान सड़क और आसपास के क्षेत्र में बिखर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यात्रियों की चीख-पुकार दूर तक सुनाई देती रही। राहत एवं बचाव दल ने घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ उनके सामान को भी एकत्रित कर सुरक्षित रखने का प्रयास किया। कई यात्रियों के मोबाइल फोन, बैग और जरूरी दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

चालक की लापरवाही बनी हादसे की वजह, जांच में जुटा प्रशासन

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को नींद आने के कारण बस अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन में पलट गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस तेज रफ्तार में थी, जिसके चलते दुर्घटना और भी गंभीर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस कुछ देर पहले से ही असामान्य तरीके से चल रही थी, लेकिन यात्रियों को किसी बड़े हादसे की आशंका नहीं थी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी के सफर के दौरान पर्याप्त आराम न मिलने और लगातार वाहन चलाने से चालक की एकाग्रता प्रभावित होती है, जो इस तरह की दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

पुलिस और परिवहन विभाग की टीम हादसे की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायलों के इलाज और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने पर प्रशासन का पूरा ध्यान केंद्रित है।