वृंदावन की काशीराम आवासीय कॉलोनी में प्रदर्शन:निवासी बोले कि पहले आसपास में करें शिफ्ट, नगर निगम के अधिकारियों ने कहा जर्जर हो चुके हैं फ्लैट
वृंदावन में बनी काशीराम आवासीय योजना के फ्लैट अब गिराए जायेंगे। जर्जर हो चुके फ्लैटों को गिराने के लिए नगर निगम ने नोटिस जारी कर खाली करने के लिए कहा तो यहां रहने वाले लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। यहां रहने वाले लोगों का आरोप है कि निगम के अधिकारी आवासों को खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे हैं लेकिन वहां रहने वाले लोग उनको हटा रहे हैं। परिसर में की नारेबाजी जजर्र हो चुके फ्लैटों में रह रहे लोगों से नगर निगम अब जल्द से जल्द उनको खाली करने के लिए कह रहा है। लेकिन वहां के निवासी कह रहे हैं कि आखिर वह कहां जाएं। इसी को लेकर सोमवार को काशीराम आवासीय योजना में रह रहे लोगों ने धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। दस साल से नहीं कराया मेंटिनेंस काशीराम आवासीय कॉलोनी के 18 नंबर ब्लॉक में रहने वाली विशाखा दास ने बताया कि उनके पिता की मृत्यु हो चुकी है। विशाखा दास ने बताया कि वह यहां करीब 10 साल से रह रही है,किसी भी जिम्मेदार विभाग ने ध्यान नहीं दिया। आज तक मेंटीनेंस नहीं कराया। आज दस साल बाद यह लोग शिफ्ट करने की बात कह रहे हैं। वह भी ऐसे आवंटन में जहां पहले से आवंटित किसी और को किया जा चुका है। उस जगह का हम लोगों को कोई लीगल आवंटन पेपर नहीं दिया है। वहां रहने वाले लोग रात को परेशान करते है। फ्लैटों की मरम्मत कर दे नगर निगम प्रदर्शन कर रही एक महिला छाया ने बताया कि नगर निगम ने जहां शिफ्ट किया उन फ्लैट में वह लोग आ गए हैं जिनको आवंटित किए गए थे। छाया ने नगर निगम से मांग की कि वह जर्जर हो चुके फ्लैटों की ही मरम्मत करके दे। उन्होंने कहा वह इस जगह को नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा सभी जरूरी दस्तावेज यहां के बने हैं जैसे तैसे यहां गृहस्थी जमाई अब कह रहे हैं दूसरी जगह जाइए। उन्होंने कहा कि क्या इतनी जल्दी कोई बिल्डिंग इस तरह जर्जर हो जाती है। इनको बनाने में भ्रष्टाचार हुआ है इसकी जांच होनी चाहिए। योजना में है 736 फ्लैट काशीराम आवासीय योजना में 46 ब्लॉक है । प्रत्येक ब्लॉक में 16 फ्लैट हैं,इस तरह से यहां 736 परिवार रहते हैं। इन ब्लॉक में से एक दो को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश की हालत बेहद दयनीय है। बिल्डिंग में लगी सरिया दिखने लगी है,प्लास्टर तो जैसे लगता है कि हुआ ही नहीं। फ्लैटों की हाजत दयनीय हुई तो नगर निगम ने इनका IIT रुड़की की टीम से सर्वे कराया। जिसमें यह फ्लैट बेहद दयनीय स्थिति में बताए गए। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों ने नोटिस जारी कर वहां रह रहे लोगों से इनको खाली करने के लिए कहा।
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