दिल्ली में 31 अक्टूबर तक तैनात रहेंगे केंद्रीय बल, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला
दिल्ली में संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस की मांग पर यह फैसला लिया गया। जंतर-मंतर, निर्वाचन आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट सहित प्रमुख स्थानों पर संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जा रही है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 अक्टूबर 2026
नई दिल्ली में संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 273 कंपनियों की तैनाती अब 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों को दिल्ली बुलाया गया था। संभावित प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी आशंकाओं के कारण उनकी तैनाती की अवधि दूसरी बार बढ़ाई गई है।
गृह मंत्रालय ने दूसरी बार बढ़ाई तैनाती की अवधि
दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की संभावनाओं को देखते हुए गृह मंत्रालय ने केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखने की मंजूरी दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस और संबंधित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 20 अक्टूबर तक बलों की तैनाती जारी रखने की मांग की थी। अब सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसकी अवधि बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस की अपील पर लिया गया फैसला
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में संभावित प्रदर्शनों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए गृह मंत्रालय को पत्र भेजा था। इस पत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 273 कंपनियों की तैनाती निर्धारित समय सीमा के बाद भी जारी रखने की अनुमति मांगी गई थी। पुलिस का उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध रखना है। गृह मंत्रालय ने पुलिस की मांग पर विचार करने के बाद तैनाती बढ़ाने की मंजूरी दे दी।
अक्टूबर की शुरुआत में तैनात किए गए थे केंद्रीय बल
दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। दिल्ली पुलिस की मांग पर गृह मंत्रालय ने कुल 301 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी थी। इनमें छह अक्टूबर को 221 कंपनियों और आठ अक्टूबर को 80 कंपनियों की तैनाती की मांग की गई थी। बाद में सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं और संभावित प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए 273 कंपनियों की तैनाती जारी रखने का फैसला किया गया।
जंतर-मंतर और संसद के आसपास प्रदर्शन की आशंका
दिल्ली पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी एक बार फिर जंतर-मंतर, निर्वाचन आयोग, संसद भवन और इंडिया गेट जैसे प्रमुख स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा मंत्रियों के कार्यालयों और आवासों के बाहर भी प्रदर्शन होने की संभावना जताई गई है। इन स्थानों की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस सतर्क
राजधानी में संभावित विरोध-प्रदर्शनों को लेकर दिल्ली पुलिस सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ने से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रबंध जारी रखे जा सकेंगे। गृह मंत्रालय का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब सीजेपी और अन्य संगठनों के संभावित आंदोलनों को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। हालांकि, संबंधित स्थानों पर प्रदर्शन होने की आशंका जताई गई है, लेकिन किसी नए प्रदर्शन की निश्चित पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
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