औरैया में सहकारी समितियों के सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल:डीएपी के लिए भटक रहे किसान, 79 समितियों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल
औरैया में सहकारी समितियों के सचिवों और कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान न होने और बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। वहीं, समितियों के बंद होने से किसानों को डीएपी खाद मिलने में परेशानी हो रही है। इससे गेहूं, आलू, सरसों, चना, लहसुन और मटर की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है। आश्वासन के बाद भी जारी नहीं हुआ आदेश संघर्ष समिति संबद्ध साधन समिति सचिव परिषद ने 7 सितंबर 2026 को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता को मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद 21 सितंबर और 5 अक्टूबर को हुई बैठकों में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन 6 अक्टूबर तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ। इसके विरोध में 7 अक्टूबर को कर्मचारियों ने लखनऊ पहुंचकर ज्ञापन भी दिया, मगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। हड़ताल में सचिव, प्रभारी, गैर-कैडर सचिव, आंकिक, लिपिक, विक्रेता, सहयोगी और चौकीदार शामिल हैं। डीएपी न मिलने से बुवाई में परेशानी सहकारी समितियों पर हड़ताल का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। किसान राजकुमार ने बताया कि सचिवों के हड़ताल पर जाने से डीएपी खाद लेने में परेशानी हो रही है। वहीं, किसान भूरे सिंह ने बताया कि उनके 15 बीघा खेत में गेहूं की बुवाई होनी है। उन्होंने कहा, “हड़ताल अपनी जगह है, लेकिन इस समय डीएपी नहीं मिली तो बुवाई में दिक्कत हो सकती है।” मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल शुक्रवार को अछल्दा के बहारपुरा रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें पैक्स वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह, जिला महामंत्री सोनू कुमार, संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष सतेंद्र यादव और जिला महामंत्री अरुण कुमार समेत करीब छह दर्जन सचिव मौजूद रहे। बैठक में सत्यवीर सिंह ने कहा कि जिले में कुल 79 सहकारी समितियां हैं। कर्मचारियों की मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
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