महर्षि वाल्मीकि आश्रम की जमीन कब्जामुक्त कराने की मांग:मेरठ में नगर निगम की वर्कशॉप और खत्ता बनाने का आरोप, आंदोलन की चेतावनी
मेरठ के नूर नगर मार्ग स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को वाल्मीकि चेतना मंच ने एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। मंच ने नगर निगम और अन्य लोगों पर जमीन पर अनधिकृत कब्जा करने का आरोप लगाया। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वाल्मीकि चेतना मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र ढीगिया ने बताया कि मेरठ शहर के खसरा नंबर 2104 में करीब 100 बीघा जमीन वाल्मीकि समाज के निजी कब्रिस्तान के लिए थी। उनके अनुसार, यह जमीन पहले खाकरोबान नाम से पहचाने जाने वाले वाल्मीकि समाज के स्वामित्व में थी। आरोप है कि समय-समय पर इस जमीन पर भू-माफियाओं और नगर निगम ने कब्जा कर लिया। 1986 में आश्रम के नाम से कराया था रजिस्ट्रेशन सुरेंद्र ढीगिया ने बताया कि वर्ष 1986 में जमीन का महर्षि वाल्मीकि आश्रम के नाम से रजिस्ट्रेशन कराया गया था। जमीन पर इससे संबंधित शिलापट्ट भी स्थापित है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1998 में तत्कालीन जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने अभिलेखों की जांच के बाद मंगल पांडे कॉलेज की नींव रखने के कार्यक्रम को स्थगित करा दिया था। ढीगिया ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद नगर निगम ने जमीन पर वर्कशॉप और खत्ता बना लिया। वाल्मीकि समाज लंबे समय से इसका विरोध कर रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से जमीन को कब्जामुक्त कराने और संबंधित अभिलेखों की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की। त्योहारों के बाद होगी समाज की पंचायत मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष मोनिंदर सूद वाल्मीकि ने कहा कि यदि सरकार ने कथित अनधिकृत कब्जे को हटाने के लिए कार्रवाई नहीं की तो वाल्मीकि समाज मंच के नेतृत्व में आंदोलन करेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि त्योहारों के बाद जिले में समाज की बड़ी पंचायत बुलाई जाएगी। इसमें सर्वसम्मति से आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। महर्षि वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम वाल्मीकि ने आश्रम की जमीन को कब्जामुक्त कराने के आंदोलन में सहयोग देने की बात कही। वहीं, शालिनी सिंह मसीह ने कहा कि आंदोलन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में भागीदारी करेंगी।
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